Walmart-Flipkart Deal के खिलाफ 15 सितंबर से कारोबारी करेंगे 'भारत बंद'

Walmart-Flipkart Deal के खिलाफ 15 सितंबर से कारोबारी करेंगे 'भारत बंद'

Ashutosh Kumar Verma | Publish: Sep, 05 2018 07:49:11 PM (IST) | Updated: Sep, 06 2018 08:16:51 AM (IST) इंडस्‍ट्री

एसोसिएशन ने 28 सितंबर को 'भारत व्यापार बंद' भी कहा है। "हम खुदरा में वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के प्रति अपने विरोध को तेज कर रहे हैं।

नर्इ दिल्ली। अमरीकी रिटेल कंपनी वाॅलमार्ट आैर भारतीय र्इ-काॅमर्स सेक्टर की अग्रणी कंपनी फ्लिपकार्ट के बीच हुए 16 अरब सौदे का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार ट्रेडर्स बॉडी सीएआईटी ने बुधवार को कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी से शुरू होने वाले 15 सितंबर से 16 अरब अमेरिकी डॉलर के वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे के खिलाफ 90 दिनों के देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। एसोसिएशन ने 28 सितंबर को 'भारत व्यापार बंद' भी कहा है। "हम खुदरा में वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के प्रति अपने विरोध को तेज कर रहे हैं। हमने इस मुद्दे पर इस महीने के 28 तारीख को 'भारत व्यापार बंद' की मांग की है और साथ ही 90 दिनों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू कर रहे हैं जाे कि 15 सितंबर से होगा। ये राष्ट्रव्यापी अांदोलन राजधानी दिल्ली से शुरू किया जाएगा। इस बात की जानकारी अखिल भारतीय व्यापारियों के कन्फेडरेशन (सीएआईटी) ने एक विज्ञप्ति में कहा।


पिछले माह ही सीएआर्इटी ने दायर किया था एनसीएलटी में याचिका
सीएआईटी का विरोध अमरीकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट को 16 अरब डॉलर में अधिग्रहण को लेकर है। वाॅलमार्ट फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव रखा है। पिछले महीने उसने सौदे को मंजूरी देने के भारत के फैसले आयोग के प्रतिस्पर्धा आयोग के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलीट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) में याचिका दायर की थी। इससे पहले, सीएआईटी के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने आरोप लगाया था कि पिछले कई सालों में ई-कॉमर्स बाजार की जगह कई प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा हिंसक मूल्य निर्धारण, गहरी छूट और हानि निधि सहित कदाचार में शामिल होकर काफी हद तक खराब हो गई है।


एफडीआर्इ में र्इ-काॅमर्स को लेकर नहीं है कोर्इ नीति
खंडेलवाल ने दावा किया था कि एक एेसे समय समय जब ई-कॉमर्स के लिए कोई नीति नहीं है, तो यह वॉलमार्ट के लिए 2016 के एफडीआई नीति प्रेस नोट नंबर 3 को रोकने के लिए एक बेहद ही आसान कदम होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय प्रेस नोट्स के माध्यम से एफडीआई नीतियों को सूचित करता है। प्रेस नोट 3, जिसे 2016 में जारी किया गया था, ई-कॉमर्स सेक्टर में एफडीआई के लिए दिशानिर्देश के बारे में बताता है। यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी छूट की अनुमति नहीं है और ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई इन्वेंट्री स्वामित्व की अनुमति नहीं है।

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