नवंबर में मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स सूचकांक 51.2 पर था आईएचएस मार्किट इंडिया की रिपोर्ट में खुलासा, रोजगार में सुधार
नई दिल्ली। लगातार दूसरे दिन केंद्र की मोदी सरकार ( Modi Govt ) के लिए राहत भरी खबरा आई है। आईएचएस मार्किट इंडिया ( IHS Market India ) की रिपोर्ट के अनुसार देश में जीएसटी कलेक्शन के बाद मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर ( manufacturing sector ) में भी सुधार देखने को मिला है। दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स सूचकांक ( Manufacturing Purchasing Managers Index ) 52.7 आ गया है। जबकि नवंबर यह सूचकांक 51.2 पर था। रिपोर्ट के अनुसार रोजगार के मामले में भी सुधार देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार सुधार के बाद भी कंपनियां 2020 के लिए काफी सतर्क रुख अपना रही हैं।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार
आईएचएस मार्किट की चीफ इकोनॉमिस्ट पोलियाना डी लीमा के अनुसार कारखानों ने मांग में सुधार का लाभ उठाते हुए मई के बाद सबसे तेजी से उत्पादन को बढ़ाने का काम किया। बीते महीने में रोजगार और खरीद में बढ़ोतरी देखने को मिली है। रिपोर्ट के अनुसार नए कारोबारी ऑर्डर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार के संकेत हैं। वहीं ग्लोबली मांग में इजाफा होने से टोटल सेल्स में भी बढ़ोतरी हुई है। नए निर्यात ऑर्डर में लगातार 26 वें महीने में तेजी देखने को मिली है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का पीएमआई लगातार 29वें महीने में 50 अंक से अधिक है।
फ्यूचर मार्केट को लेकर कांफिडेंस लेवल लो लेवल पर
रिपोर्ट की मानें तो अगले 12 महीनों में प्रोडक्शन में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर कंपनियों का फ्यूचर मार्केट को लेकर कांफिडेंस लेवल 34 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुद्रास्फीति की दर 13 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।