सोमवार को जारी किये गए बयान में CAPA ने कहा है कि कोरोना की वजह से उड़ानों के कैंसिल होने और रूटीन से कम बुकिंग के चलते मई तक एयरलाइंस की हालात बेहद खराब हो सकती है।
नई दिल्ली : कोरोनावायरस पूरी दुनिया में तांडव मचा रहा है । कोरोना के इस कहर के चलते 'ज्यादातर एयरलाइंस दिवालिया हो सकती है, ये कहना है Centre for Asia Pacific Aviation का । दरअसल कोरोना को पैनडेमिक घोषित किये जाने के बाद से कई देश लगातार यात्राओं पर रोक लगा चुके है यही वजह है कि सोमवार को जारी किये गए बयान में CAPA ने कहा है कि उड़ानों के कैंसिल होने और रूटीन से कम बुकिंग के चलते एविएशन कंपनियों का कैश रिजर्व लगातार घट रहा है।
इस मामले से निपटने के लिए दुनिया भर की तमाम सरकारों को मिलजुल कर कदम उठाने होंगे । सरकारों के एकजुट होने पर ही कोरोना को हराया जा सकता है। capa का कहना है कि अमेरिका, चायना और मिडिल ईस्ट के ज्यादातर कैरियर अपने मालिकों या सरकारों की मदद से ही सर्वाइव कर पाएंगे ।
कोरोना वायरस की वजह से जिन इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है उनमें से एक एविएशन इंडस्ट्री है।Qantas Airways Ltd, American Airlines Group Inc, ने पहले ही अपनी उड़ानों की संख्या को कम कर दिया है। यूरोप की सबसे बड़ी एयरलाइंस Flybe पहले ही दिवालिया हो चुकी है। IATA पहले ही एविएशन इंडस्ट्री को 113 बिलियन डॉलर का नुकसान होने की बात कह चुका है ।
भारत के परिप्रेक्ष्य में देखें तो इंडिगो (IndiGo), विस्तारा (Vistara) और स्पाइसजेट (SpiceJet) जैसी कंपनियां पहले ही अपनी उड़ानों को कम कर चुकी है इसके अलावा कंपनियों का कहना है कोरोना के बाद से फ्लाइट बुकिंग्स तेजी से कैंसिल कराई जा रही है।