उद्योग जगत

पेट्रोल-डीजल के बाद अब पड़ेगी आलू की मार, बिगड़ेगा रसोई का बजट

अब सब्जियों का राजा कहा जाने वाला आलू भी आम आदमी को परेशान करने के लिए तैयार है। इस समय आलू पिछले साल से मुकाबले महंगा चल रहा है।
2 min read
• •
Updated: 24 May 2018, 4:43 PM IST
Potato
पेट्रोल-डीजल के बाद अब पड़ेगी आलू की मार, बिगड़ेगा रसोई का बजट

नई दिल्ली। एक ओर पेट्रोल-डीजल की कीमतों से आम आदमी परेशान है। दूसरी ओर अब सब्जियों का राजा कहा जाने वाला आलू भी आम आदमी को परेशान करने के लिए तैयार है। इस समय आलू पिछले साल से मुकाबले महंगा चल रहा है। इसका कारण आलू की कम सप्लाई बताई जा रही है। इसके अलावा कम उत्पादन के कारण भी आलू का महंगा होना बताया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार बीते साल इस समय आलू की कीमतें जहां 4 से 5 रुपए प्रतिकिलो थीं, वहीं इस साल इसकी कीमतें 20 रुपए प्रतिकिलो के आसपास चल रही हैं। एेसे में आम आदमी को पिछले साल के मुकाबले आलू के लिए 3 से 4 गुना ज्यादा दाम देने पड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में आलू के दामों में और तेजी होने की संभावना जताई जा रही है।

बुआई का रकबा घटा

बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार आलू बुआई का रकबा कम हुआ है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश के किसानों ने आलू की कम बुआई की है। व्यापारियों का कहना है कि बीते दो साल से आलू अपने निम्नतम स्तर पर हैं। इससे किसानों की आलू की फसल में रूचि कम हुई है। इस कारण यूपी में आलू बुआई का रकबा 5 से 7 फीसदी घट गया है। इस कारण आलू का उत्पादन कम हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले साल किसानों ने पुराने बीज का इस्तेमाल किया था, इस कारण आलू की गुणवत्ता भी गिरी है।

इस साल स्थिति बेहतर

बंपर फसल से कम कीमत मिलने से परेशान यूपी के अालू किसानों की स्थिति बेहतर है। लगातार दाम कम होने के कारण बीते साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 487 रुपए प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की थी। इसके अलावा सरकार ने 1 लाख मीट्रिक टन आलू की खरीद की थी। इससे किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम मिला था। इसके अलावा गुजरात में भी आलू उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले कमी की संभावना जताई जा रही है।

Published on: