पेयू ने ऑनलाइन भुगतान के लिए आईआरसीटीसी से साझेदारी की है।
नई दिल्ली। देश में करोड़ों इंडियन रेवले पैसेंजर हैं जो रोजाना ट्रेन में सफर करते हैं। टिकट के लिए उन्हें या तो लबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता है। या फिर इंडियन रेलवे की वेबसाइट और आईसीटीसी की बेबसाइट पर टिकट की मारामारी झेलनी पड़ती है। अगर टिकट मिल भी गया तो उसके ऑनलाइन भुगतान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें भुगतान से संबंधित किसी भी तरीके की परेशानी से गुजरना नहीं होगा। आइए आपको भी बताते हैं कि आईआरसीटीसी की ओर से किस तरह से इस परेशानी को दूर किया है।
पेयू मनी से किया करार
देश की प्रमुख भुगतान गेटवे प्रदाता पेयू ने इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) के साथ आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर रेल टिकटों की बुकिंग के लिए साझेदारी की है। कंपनी ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि पेयू अब एमपीएस (मल्टीपल पेमेंट सर्विसेज) के अंतर्गत एक भुगतान विकल्प के रूप में उपलब्ध होगा। इस विकल्प पर क्लिक करने से यूजर्स को सुरक्षित भुगतान के कई विकल्प मिलते हैं, जिसमें इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और ई-वॉलेट शामिल है। कंपनी ने दावा किया कि पेयू ऑनलाइन भुगतान के लिए एक निरापद और सुरक्षित भुगतान गेटवे है जिसकी सफलता दर उद्योग के औसत से 10 फीसदी अधिक है।
हर महीने 6500 करोड़ का लेन-देन
इस भागीदारी पर पेयू इंडिया के एंटरप्राइज बिजनेस प्रमुख राहुल कोठारी ने कहा, "हमारा भुगतान गेटवे भारत में करीब 80 फीसदी ई-कॉमर्स व्यापार को संचालित करता है और आईआरसीटीसी (जो रेल टिकट बुकिंग की देश की सबसे बड़ा प्लेटफार्म है) के साथ भागीदारी हमारे लिए एक और उपलब्धि है, साथ ही डिजिटल समझ रखनेवाले उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बढ़ते समुदाय के लिए भुगतान अनुभव को सरल बनाने के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है।" पेयू इंडिया देश की सबसे बड़ी भुगतान प्रोसेसर है, जो हर महीने 6500 करोड़ रुपए अधिक मूल्य का डिजिटल लेन-देन प्रोसेस करती है।