उद्योग जगत

बैंकों का सख्त कदम, अब बंद होगी रोटोमैक

बैंंकों ने पहली बार सख्त कदम उठाते हुए रोटोमैक समूह की कंपनियों को डेट रीकास्ट प्रोग्राम में 90 दिनों का एक्सटेंशन देने से इनकार कर दिया है.  

2 min read

नई दिल्ली. बैंंकों ने पहली बार सख्त कदम उठाते हुए रोटोमैक समूह की कंपनियों को डेट रीकास्ट प्रोग्राम में 90 दिनोंं का एक्सटेंशन देने से इनकार कर दिया है. बैंको ने धोखाधड़ी के आरोपी रोटोमैक समूह को टर्नअराउंड प्लान्स में भागीदारी से रोक दिया है. टर्नअराउंड प्लान्स में भागीदारी से रोक सभी धोखाधड़ी के आरोपी संस्थान के मालिकों के लिए है. टर्नअराउंड प्लान्स एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसमें मुश्किल में फंसी अद्योगिक समूह को रिवाइव करने का वक्त दिया जाता है.

क्या है मामला

रोटोमैक समूह पर बैंकों का लगभग 4,000 करोड़ रुपये बकाया है. यह राशि बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, ऑरियंटल बैंक कॉमर्स, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने दिया है. रोटोमैक मूलरूप से एक कलम बनाने वाली कंपनी है. बैंक ऑफ बड़ौदा से की ओर से शिकायत करने के बाद यह केस दर्ज़ किया गया. रोटोमैक के पास संपत्ति के तौर पर कलम बानने वाले प्लांट हैं.

बैंको के इस कदम के बाद रोटोमैक एक्सपोर्ट और रोटोमैक ग्लोबल बंद होगी. अब किसी भी तरह की रेजल्युशन प्लान की संभावना नहीं है. जैसा कि कंपनी के रेजल्युशन प्रफेाशनल अनिल गोयल ने बताया कि "बैंको ने समयसीमा की अवधि और बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी है”. 19 मार्च को शुरुआती दिनों की समयसीमा खत्म होने जा रही है. इन्सॉल्वंसी ऐंड बैंकरप्टसी कोड के मुताबिक पहली समसीमा खत्म होने के बाद लेनदार को 90 दिन और दिए जाते हैं. बैंकों के इस कदम के बाद रोटोमैक समूह के पास बंद के अलावे कोई विकल्प नहीं है.

आपको बता दें कि हफ्ते भर पहले सीबीआई ने रोटोमैक के मालिक विक्रम कोठारी और उसके बेटे राहुल कोठारी को लोन डिफॉल्ट केस में गिरफ्तार किया है. ईडी ने अन्य पूंजीपति भगोड़ो से सीख लेते हुए विक्रम कोठारी और उनके परिजनों को जमीन, समुद्र और हवाई रास्ते से भारत छोड़ने पर रोक लगा दी है.

ये भी पढ़ें

बैंकों के नाम आरबीआई की चिठ्ठी, जल्द जमा करें एलओयू का ब्योरा
Published on:
10 Mar 2018 02:32 pm
Also Read
View All