उद्योग जगत

Amrapali Projects को पूरा कराने SBI और UCO Bank आए सामने, जल्द शुरू हो सकता है काम

Supreme Court के सामने SBI Capital और UCO Bank देने को तैयार SC ने JP Morgan और Surekha को रुपयों का भुगतान करने के लिए कहा

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SBI and UCO Bank came forward to complete Amrapali projects

नई दिल्ली। आम्रपाली होमबायर्स ( Amrapali Home Buyers ) के लिए खुशखबरी की बात ये है कि उनके सपनों के आशियानों के निर्माण का काम जल्द शुरू हो सकता है। एसबीआई कैपिटल ( SBI Capital ) और यूको बैंक ( UCO Bank ) ने सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) के सामने लोन देने को तैयार हो गए हैं। कोर्ट सरकार से आम्रपाली की उन प्रोपर्टीज की लिस्ट भी मांगी है, जिन्हें बेचा जाना है। इसके अलावा आम्रपाली में अपना रुपया डायवर्ट करने वाली जेपी मॉर्गन ( JP Morgan ) और सुरेखा कंपनी को जल्द से जल्द रुपया लौटाने को कहा है।

SBI और UCO Bank लोन मुहैया कराने को तैयार
एसबीआई कैपिटल और यूको बैंक ने सुप्रीम कोर्ट के सामने एनबीसीसी को लोन मुहैया कराने के लिए हामी भर दी है। यूको बैंक ने यह भी कहा कि वह प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए दो हजार करोड़ रुपए का लोन दे सकता है। बैंक के अनुसार आम्रपाली की 5221 अनसोल्ड प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर ऐसा किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो 40 हजार से ज्यादा होमबायर्स को राहत मिलेगी। वो काफी दिनों से अपने मकान के इंतजार में है। जब से मामला सुप्रीम कोर्ट में आया है, तब से इसमें तेजी देखने को मिली है।

जेपी मोर्गन जल्द लौटाएं रुपया
पीठ ने जेपी मोर्गन के वकील मुकुल रोहतगी से बकाया रकम की जानकारी मांगते हुए स्थिति के बारे में पूछा। पीठ के अनुसार होमबायर्स की रकम को गलत तरीके से डायवर्ट की गई है। जिसके लिए जेपी मोर्गन 140 करोड़ रुपए लौटाने होंगे। जिसके जवाब में कंपनी के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह बाम पूरी तरह से गलत नहीं है, लेकिन कोर्ट ने इस बात को मानने से इंकार कर दिया और अगले हफ्ते तक जेपी मोर्गन से रुपए वापसी का पूरा प्लान समझकर कोर्ट में बताने को कहा है।

कहां गायब हुईं कारें और होटल क्यों नहीं बिका
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने रिसीवर आर वेंकटरमणि से जानकारी मांगते हुए कहा कि एमएसटीपी की ओर से सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि मौके से बिक्री के लिए 15 कारें मिली थी, जिनमें से 7 कारें गायब हैं। वो कैसे गायब हुई? रिसीवर के अनुसार उन्हें इस बात की सूचना मिलीद थी कि वो कारें आम्रपाली के किसी कारपोरेट ऑफिस में हैं। कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि पता लगाया जाए कि वो कारें किसकी कस्टडी में है और वो उन कारों को कैसे लेकर गए। वहीं कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के होटल को ना बेचने पर सवाल उठाए। वहीं पर जीएसटी माफी पर भी जल्दी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

Updated on:
04 Jun 2020 10:19 am
Published on:
04 Jun 2020 10:15 am
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