कंपनी को पौधै से मिली सामग्री से तैयार दवा के Clinical Trial की इजाजत मिली देश के 12 केंद्रों पर 210 मरीजों के बीच होगा Clinical Test, October तक नतीजा
नई दिल्ली। पतंजलि ( Patanjali ) से लेकर ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल ( Glenmark Pharmaceutical ) तक को कोरोना वायरस दवा ( coronavirus Drug ) के ट्रायल की मंजूरी मिली है, लेकिन इस बार देश की सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में से एक सनफार्मा ( Sun Pharma ) को पौधे से कोरोना दवा के ट्रायल की अनुमति मिलने का मामला सामने आया है। कंपनी के अनुसार ट्रायल का रिजल्ट अक्टूबर तक आने की उम्मीद है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही देश के पास कोरोना की दवा ( Corona Drugs ) होगी।
सनफार्मा को बड़ी कामयाबी
सन फार्मा के अनुसार कंपनी को ड्रग कंट्रोलर से अप्रैल में पौधै से मिली सामग्री से तैयार दवा के क्लिनिकल ट्रायल की परमीशन मिली है। क्लिनिकल ट्रायल देश के 12 सेंटर्स पर 210 मरीजों के बीच होगा। मरीजों के लिए इलाज का समय 10 दिन रखा जाएगा और ट्रायल का रिजल्ट अक्टूबर 2020 तक आने की उम्मीद जताई जा रही है। सनफार्मा के अनुसार एक्यूसीएच का मनुष्य पर पूरी स्टडी कर ली गई है। इस दवा को सेकंड फेज के ट्रायल के निए पूरी तरह सेफ पाया गया है। कंपनी मानें तो एक्यूसीएच का विकास डेंगू के लिए हो रहा है।
ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल यूं कर रही है ट्रायल
सनफार्मा के अलावा दुनिया की नामी कंपनियां भी कोरोना दावा के क्लिनिकल ट्रायल के दौर से गुजर रही हैं। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से फैविपिराविर एंटीवायरस टैबलेट के क्लिनिकल ट्रायल की परमीशन मिल चुकी है। कंपनी कोरोना के 150 मरीजों पर इसका टैस्ट करेगी। जिसकी अवधि 14 दिन से ज्यादा नहीं रखी गई है। क्लिनिकल ट्रायल का प्रोसेस 28 दिन से ज्यादा नहीं होगा।