टेक कंपनियों को नहीं पड़ रहा है ल़कडाउन से फर्क वर्क फ्राम होम से प्रोडक्टिविटी पर कोई अंतर नहीं कंपनियों को नहीं है ऑफिस लौटने की जल्दी लॉकडाउन खुलने पर भी स्टॉफ की मर्जी पर होगा ञफिस आना
नई दिल्ली: 25 मार्च से शुरू हुए ल़ॉकडाउन ( corona lockdown ) को फिलहाल ढील दे दी गई। मतलब लोगों को ऑफिस खोलने की इजाजत दी गई है, लेकिन कंपनियां खासतौर पर टेक कंपनियां एम्प्लाईज को ऑफिस बुलाने में किसी तरह की कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। चूंकि टेक कंपनियों का ज्यादातर काम इंटरनेट आधारित होता है इसीले इन कंपनियों की प्रोडक्टिविटी पर कोई खास असर नहीं पड़ा है यही वजह है कि इन कंपनियों ने ऑफिस तो खोल दिये है लेकिन फिलहाल ये कंपनियां कर्मचारियों को वापस आने के लिए किसी तरह का दबाव नहीं डाल रही है।
कर्मचारियों पर छोड़ा फैसला-
जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि कंपनियां फिलहाल 30 फीसदी स्टॉफ के साथ काम करने की इजाजत हासिल कर चुकी है लेकिन इसके बावजूद Goldman Sachs जैसी 5,500कर्मचारियों वाली बड़ी कंपनी भी अगले कुछ माह तक कार्यालय से केवल 30 प्रतिशत कर्मचारियों को ही काम करने की अनुमति दी है। कंपनी का कहना है कि रिटर्न-टू-ऑफिस पॉलिसी की समीक्षा करेगी। उसके बाद ही कर्मचारियों को ऑफिस बुलाएगी। Goldman Sachs के भारत में सर्विस हेड गुंजन सामतानी का कहना है कि दफ्तर में वापसी को लेकर फिलहाल समीक्षा की जा रही है। उसके आने पर ही कर्मचारियों पर कोई फैसला लिया जाएगा। यानि ऑफिस आने का फैसला कंपनियां कर्मचारियों के ऊपर छोड़ रही है।
इसी तरह ग्लोबल सॉफ्टवेयर कंसलटेंसी कंपनी थॉटवर्क्स (ThoughtWork) भी कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने के लिए कोई जल्दबाजी नहीं दिखा रही है। कंपनी पहले चरण में केवल 5% कर्मचारियों को ही ऑफिस बुलाएगी। कंपनी के मुताबिक, अगले चरण में यह 15-20% तक बढ़ जाएगा। कंपनी ने तो यहां तक प्लान कर लिया है कि लॉकडाउन पूरी तरह से हटने के बाद भी सभी कर्मचारियों के पास घर से काम करने की छूट रहेगी।
Google और facebook का स्ट्रेटेजी- गूगल ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि 6 जुलाई से कंपनी ऑफिस खोलेगी और ये वो पूरी दुनिया में फॉलो करेगी। इसके साथ ही कंपनी ने 2020 में वर्क फ्राम की इजाजत भी कंपनियों को दे रखी है। फेसबुक ने भी अपने ज्यादातर कर्मचारियों को दिसंबर तक वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने की इजाजत दी है।