संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कर्नाटक के शिवमोग्गा में भारतीय डाक की ‘क्लिक एंड बुक’ प्रणाली का भी शुभारंभ किया।
नई दिल्ली।भारतीय डाक विभाग अब पार्सल, चिट्ठियों एवं जरूरी दस्तावेजों को ऑनलाइन बुकिंग करके ग्राहक के घर से उठाने और सबसे कम समय में उसके मुकाम तक पहुंचाने की सेवा शुरू करने जा रहा है। डिजीटल इंडिया अभियान से जुडक़र भारतीय डाक अब उन्हीं देशी-विदेशी कूरियर कंपनियों को मात देने जा रही है जिन्होंने ग्लैमरस मार्केटिंग हथकंडों से बाजार में उसे हाशिये पर धकेल दिया था। संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने शनिवार को कर्नाटक के शिवमोग्गा में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के पहले 4 जी मोबाइल टावर का लोकार्पण करने के मौके पर भारतीय डाक की ‘क्लिक एंड बुक’ प्रणाली का भी शुभारंभ किया। इस मौके पर मनोज सिन्हा ने कहा कि बीएसएनएल ने पिछले तीन साल में 1600 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाएं आरंभ की हैं। भारत नेट परियोजना के माध्यम से राज्य की सभी छह हजार ग्राम पंचायतों को परियोजना के प्रथम चरण में ही ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 1921 थ्री जी बीटीएस लगाए गए हैं। साथ ही सभी तीन हजार एक्सेस प्वाइंटों पर वाई फाई सेवा शुरू की गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बीएसएनएल के संचार सिग्नल उन्नयन अभियान के तहत राज्य में करीब 534 फोर-जी टावर लगाए जा रहे हैं। साथ ही 3-जी टॉवरों का अपग्रेड किया जा रहा है। इस काम ? को छह माह के भीतर ही पूरा किया जाएगा।
बेंगलुरु में सफलता के बाद देशभर में लागू होगी सेवा
सूत्रों के अनुसार कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के दक्षिणी हिस्से के चुनिंदा डाकघरों में इस योजना को प्रायोगिक आधार पर शुरू किया जा रहा है। यहां इस योजना की सफलता के बाद देशभर में इसे लागू किया जाएगा। सूत्रों ने दावा किया कि डाक विभाग के जैसी आधुनिक डिजीटल प्रणाली किसी भी कूरियर सेवा के पास नहीं है। इस प्रणाली में कोई भी व्यक्ति अपने कंप्यूटर, मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप से इंडियापोस्ट की वेबसाइट पर स्पीड पोस्ट या पंजीकृत डाक बुक करेगा और उसमें डाक या पार्सल को घर से उठाने के विकल्प पर टिक करके अपना पता और डाक या पार्सल लेने का समय अंकित करेगा। इसके साथ ही वह पोर्टल पर ही भुगतान कर देगा। इसके साथ ही एक बार कोड भी तैयार हो जाएगा। बुकिंग होने पर व्यक्ति के मोबाइल पर एक एसएमएस आयेगा और साथ ही साथ निकटतम डाकघर में सूचना पहुंच जाएगी। डाकघर में इस प्रणाली को देखने वाला कर्मचारी उस पते को कवर करने वाले डाकिया को यह सूचना उसके मोबाइल एप पर देगा।
आपके समय के अनुसार घर पहुंचेगा डाकिया
गत वर्ष जून में शुरू हुई पोस्टमैन मोबाइल एप्लीकेशन में घर से डाक लेने का नया फीचर जोड़ा गया है। देश के करीब 16 हजार डाकिये ये मोबाइल एप प्रयोग कर रहे हैं। डाकिया मोबाइल एप में दर्ज समय के अनुसार ग्राहक के घर या कार्यालय से डाक प्राप्त करेगा और डाकघर में काउंटर पर जमा कराएगा। काउंटर पर कर्मचारी उस डाक को रिसीव करेगा और उसके साथ ही ग्राहक को भी एसएमएस एवं ईमेल पर संदेश जाएगा जिसमें डाक पहुंचने का संभावित समय भी होगा। सूत्रों ने बताया कि भारतीय डाकघरों में कोर सिस्टम इंटीग्रेटर (सीएसआई) प्रणाली लागू की जा रही है जिससे सारा डाक परिचालन ऑनलाइन एवं डिजीटल प्लेटफॉर्म पर आ जाएगा।