दरअसल लॉकडाउन ( corona lockdown ) की वजह से देश में आवागमन पर रोक लगी है जिसके चलते सभी कंपनियों की आय घटने की आशंका
नई दिल्ली: 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लगा है और तभी से कारे काम ठप्प पड़े हैं। अब Deloitte की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर हालात ऐसे रहे तो लॉकडाउन के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में दर्ज शीर्ष 100 कंपनियों में से 27 के लिए अपने एम्प्लॉयीज ( employees ) को सैलेरी दे पाना मुश्किल होगा। दरअसल लॉकडाउन ( corona lockdown ) की वजह से देश में आवागमन पर रोक लगी है जिसके चलते सभी कंपनियों की आय घटने की आशंका है। अगर इन कंपनियों की आय में 30 फीसदी की कमी आती है तो ये अपने वर्तमान कर्मचारियों को पेमेंट करने में भी असमर्थ होंगी । Deloitte ने कहा है कि इस समय हर क्षेत्र में सामान्य उपभोग कम हुआ है।
नाम का खुलासा नहीं- रिपोर्ट में किसी कंपनी का नाम नहीं लिया गया है। लेकिन इतना जरूर कहा गया है कि इनमें से 27 में से 11 कंपनियों पर उनकी शेयर पूंजी के 100 फीसदी से ज्यादा कर्ज है। ऐसे में इन कंपनियों को लोन मिलने में भी मुश्किल का सामना कर पड़ सकती है। अगर लॉकडाउन और बढ़ा तो इन कंपनियों का पैसा गोडाउन में पड़े माल में फंसा रहेगा ।
इस रिपोर्ट में शामिल कंपनियों के पास अगले 5.5 माह के लिए अपने स्थायी परिचालन खर्चों, ब्याज और पारिश्रमिक देने भर को नकदी है लेकिन 20 कंपनियां ऐसी है जिनके पास 3 माह के लिए भी कैश नहीं है। दिक्कत इस बात की भी है कि इन कंपनियों को इसी पैसे से और भी देनदारियां चुकाई जानी है। ऐसे में अगर शेयरधारक चालू वित्त वर्ष में अपने निवेश का मूल्य बढ़ने (लाभांश) की अपेक्षा छोड़ भी दे । इसके बावजूद इन कंपनियों में सैलेरी कट होना जरूरी होगा।