
नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ( Telecom Regulatory Authority of India ) एयरटेल ( Airtel ) और वोडाफोन आइडिया ( vodafone idea limited ) को कारण बताओ नोटिस ( Show Cause Notice ) जारी करने की योजना बना रहा है। साथ ही ट्राई ( Trai ) दोनों कंपनियों से उनके प्लेटिनम और रेडएक्स योजनाओं को बंद ना करने का कारण पूछेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वोडाफोन और एयरटेल को प्रतिक्रिया देने के लिए एक सप्ताह से भी कम समय मिलने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार एयरटेल ने 6 जुलाई को अपना प्लेटिनम प्लान ( Airtel Platinum Plan ) पेश किया, जबकि वोडाफोन का रेडएक्स ( Vodafone RedX ) नवंबर 2019 से उपलब्ध है। वोडाफोन 130,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं को खो सकता है।
नियामक ने टेलीकॉम कंपनियों को कहा था कि ये योजनाएं डाटा स्पीड के लिए ग्राहकों से अधिक शुल्क ले रही हैं, जबकि टैरिफ के आधार पर 4 जी हाइवे को भी अलग कर दिया गया है, जिसे खिलाफ नियामक काफी सख्त है। जानकारी के अनुसार ट्राई इस तरह की योजनाओं पर पूर्ण रोक लगा सकता है। इस तथ्य से स्पष्ट है कि किसी भी अंतिम दिशा दिए जाने से पहले कारण बताओ नोटिस एक कानूनी आवश्यकता है। जानकारों की मानें तो इस प्रतिकूल आदेश के मामले में टेलीकॉम कंपनियां टेलीकॉम विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण ( Telecom Dispute Settlement and Appellate Tribunal ) से संपर्क कर सकती हैं।
वोडाफोन ने 11 जुलाई को योजनाओं को निलंबित करने और तीन सप्ताह तक रुकने के बाद टीडीसैट के हस्तक्षेप की मांग की थी। यह मामला फिर से 10 सितंबर को सुनवाई के लिए आएगा। एयरटेल ट्राई के अंतिम फैसले का पालन करने के लिए सहमत हो गया, उसका भी इंतजार अभी बाकी है। पिछले सप्ताह ट्राई ने टीडीसैट से इस बात का निष्कर्ष निकालने के लिए समय मांगा था कि क्या ये योजनाएं अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए सेवा की गुणवत्ता को कम करती हैं। जिसकी जांच 8 जुलाई को रिलायंस जियो की शिकायत के बाद शुरू हुई थी।