
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) की वजह से तीन महीने का लॉकडाउन रहा है। जिसके बाद से देश के लोगों की जीवनशैली में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है। जब से अनलॉक 1 ( Unlock 1 ) की घोषणा हुई है तब से धीरे-धीरे सड़कों पर कारें, ऑफिस और घरों में भी बाहर के लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। ऐसे में अब घर, ऑफिस और कार को सैनिटाइज करने का चलन भी बढ़ गया है। दिल्ली और एनसीआर ( Delhi NCR ) के दूसरे शहरों में यह सैनिटाइजेशन अल्ट्रा लो वॉल्यूम फॉगिंग के थ्रू कराई जा रही है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इस तरीके किस तरह से घर, ऑफिस और कार को कैसे सैनेटाइज किया जाता है।
आखिर क्या है यूएलवी फॉगिंग तकनीक
जानकारी के अनुसार यूएलवी फॉगिंग यानि अल्ट्रा लो वॉल्यूम फॉगिंग तकनीक ऐसी प्रक्रिया है जो जो 5-50 माइक्रोन डायामीटर के बीच अल्ट्रा लो वॉल्यूम बूंदों से बना एक कोहरा या धुंध उत्पन्न करता है। रिसर्च के अनुसार इसकी फॉगिंग तकनीक पैथोजंस, वेक्टर कैरियर और कीटाणु से निपटने के लिए एकदम सटीक है। इसका प्रयोग करने वाले को डिस्पोजेबल गाउन पहन पड़ता है। जिसके बाद मशीन के माध्यम से यूएलवी फॉगिंग कीटाणुशोधन उपचार, स्टीम सैनिटाइजेशन और एरियल कीटाणुशोधन और सैनिटाइजऱ का उपयोग किया जाता है।
बढ़ रहा है चलन
वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से हाथ धोने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सभी के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि वायरस उन कुछ सतहों पर रह सकता है जिन्हें आप शायद हर रोज छूते हैं जिनमें आपका घर, आपकी कार और आपके कार्यस्थल शामिल हैं। इस बारे में टॉपशिल्ड ग्रुप के निदेशक आकाश सक्सेना कहते हैं की जैसे कारोबार फिर से खुल रहे हैं। दुकानों, रेस्त्रां, होटल, स्कूल, जिम आदि के लिए सुरक्षा महत्वपूर्ण विचार बन गया हैं, ऐसे इन सभी को सैनिटाइज करना भी काफभ्ी जरूरी हो गया है। यूएलवी तकनीक सभ्भी को समझ और पसंद भी आ रही है।