
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा दिए वोकल फॉर लोकल कैंपेन और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) द्वारा पूरे देश में इस फैलाने से इस बार दिवाली पर घरेलू सामानों की बिक्री 72 हजार करोड़ रुपए की देखने को मिली है। कैट की ओर जारी किए गए आंकड़े 20 शहरों के हैं। कैट की ओर से अनुमान लगाया गया है कि चीनी सामानों के बायकॉट के कारण उसे 40 हजार करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। कैट के अनुसार इस साल की दिवाली के दौरान चीनी सामानों के बहिष्कार के लिए सीएआईटी के आह्वान पर कोई चीनी सामान नहीं बेचा गया।
घरेलू कारोबार में इजाफा
सीएआईटी ने एक बयान में कहा, 20 अलग-अलग शहरों से इक_ा की गई रिपोर्ट के अनुसार, जिन्हें भारत का अग्रणी वितरण केंद्र माना जाता है, उम्मीद है कि दिवाली त्योहारी बिक्री ने लगभग 72,000 करोड़ रुपए का कारोबार किया और चीन को 40,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, नागपुर, रायपुर, भुवनेश्वर, रांची, भोपाल, लखनऊ, कानपुर, नोएडा, जम्मू, अहमदाबाद, सूरत, कोचीन, जयपुर, चंडीगढ़ सहित बीस शहरों को वितरण शहर माना जाता है।
इन सामानों की हुई सबसे ज्यादा बिेक्री
सीएआईटी ने कहा कि दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान वाणिज्यिक बाजारों में हुई मजबूत बिक्री भविष्य में व्यापार की अच्छी संभावनाओं को इंगित करती है और व्यापारियों के चेहरे पर कुछ मुस्कान वापस ला सकती है। एफएमसीजी सामान, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, खिलौने, बिजली के उपकरण और सामान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, रसोई के सामान, उपहार की वस्तुएं, मिष्ठान्न वस्तुएं, मिठाई, घर की सजावट, टेपेस्ट्री, बर्तन, सोना और आभूषण, जूते, घडिय़ां, फर्नीचर, दिवाली पर सबसे ज्यादा खरीदे जाने वाले सामानों में शामिल है। कपड़े, फैशन अपेरल्स, होम डेकोरेशन के सामान की भी खरीददारी हुई।