Irrigation Project: परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। किसानों को कम पानी में ज्यादा सिंचाई का फायदा मिलेगा।
MP News: तवा नहर से अब ऐसे खेतों में भी पानी पहुंचेगा, जो नहर से ऊंचे और दूरस्थ क्षेत्र में स्थित हैं। इसके लिए इटारसी के सोनतलाई घाटली नहर से बानापुरा के लोखरतलाई बांकाबेड़ी तक नहर किनारे चार जगह पंप हाउस बनाए जा रहे हैं। इन पंप हाउसों से पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। झाड़बीड़ा उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत बनने वाले पंप हाउसों और खेतों तक पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है।
सिंचाई विभाग तवा नहर किनारे पंप हाउस बनाने (Pump House Construction) के लिए सीमांकन कर चुका है। इसके अलावा जमानी में नहर किनारे पाइप लाकर रखे गए है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक नहर किनारे 25 किमी मुख्य पाइपलाइन और खेतों तक सिंचाई के लिए 323 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। जिसमें से 100 किमी काम हो चुका है।
नहरों की मरम्मत नहीं होने से कई तेरी किसानी बार नहरों में में पानी आने से किसानों के खेत तालाब बन जाते है। कच्ची या फूटी नहरों से बेकार ही पानी बह जाता है। नर्मदापुरम कछार की 4 हजार 590 किमी नहरों में से 2056 किमी पक्की, 2534 किमी कच्ची हैं। तवा बांध से हरदा तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने वाली नहर की हालत जर्जर है। कई जगह से सीमेंट की दीवारें ढह गई हैं।
पानी को ऊंचाई तक ले जाने वाली सिंचाई योजना (Irrigation Project) है। इससे किसानों को कम पानी में ज्यादा सिंचाई का लाभ मिलता है। किसानों को जमीन समतल करने की जरूरत नहीं होती। एक ही जल स्रोत से अलग-अलग जगहों पर पानी पहुंचाया जा सकेगा। किसान पानी की आपूर्ति को आसानी से बदल सकते हैं।
एसडीओ प्रमोद खातकर ने कहा कि उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत सोनतलाई से बानापुरा तक पाइपलाइन बिछाकर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। नहर किनारे पंप हाउस बनेंगे। मुख्य पाइपलाइन के साथ कनेक्टिंग लाइन भी बिछाई जा रही है। (MP News)