जबलपुर

शराब फैक्ट्रियों को कौडिय़ों के भाव में देने की तैयारी! एमपी में सड़ा दिया 11731 टन गेहूं

Wheat- गरीबों के निवाले पर 'भ्रष्टाचार की घुन', गोदामों में ही 25 करोड़ का गेहूं सड़ गया, 2 से 6 साल पुराना गेहूं सड़ता रहा

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Apr 29, 2026
11731 Tons of Wheat Rot in Warehouses in MP (AI Image-ChatGpt)

Wheat- एमपी के जबलपुर जिले के सरकारी और निजी गोदामों में रखा करोड़ों का 11731 मीट्रिक टन गेहूं सड़ गया है। मप्र वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन, मप्र सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन, भारतीय खाद्य निगम और गोदाम संचालकों की मिलीभगत से 2020-21 से 2023- 24 के बीच खरीदे गेहूं का उठाव ही नहीं हुआ। 2 से 6 साल पुराना गेहूं सड़ता रहा, जिम्मेदार सोते रहे। अब गेहूं नीलामी करने की तैयारी है। सवाल यह है कि जब गेहूं खाने योग्य नहीं है, तो नीलामी के बाद यह किस काम आएगा? क्या शराब-बियर बनाने वाली कंपनियों को कौडिय़ों के भाव बेचने यह साजिश तो नहीं की गई?

कहा जा रहा है कि सड़ा हुआ गेहूं शराब फैक्ट्रियों को कौडिय़ों के भाव में देने के लिए जानबूझकर यह काम किया गया

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मध्यप्रदेश के गरीबों के निवाले पर 'भ्रष्टाचार की घुन' लग गई। करीब 25 करोड़ का गेहूं गोदामों में ही रखा रखा सड़ गया। कहा जा रहा है कि सड़ा हुआ गेहूं शराब फैक्ट्रियों को कौडिय़ों के भाव में देने के लिए जानबूझकर यह काम किया गया हालांकि सरकारी अधिकारी मामले की लीपापोती में जुट गए हैं।

मप्र राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक संजय सिंह का कहना है, जिन गोदामों में गेहूं खराब हुआ, उनके संचालकों का किराया रोक दिया है। नुकसान की भरपाई इसी से होगी।

यहां इतना गेहूं सड़ा- आंकड़े मीट्रिक टन में

जबलपुर कृषि मंडी 4954
शहपुरा 5502
सिहोरा 695
पाटन 490
रिछाई 90

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का काम जारी

इस बीच जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का काम जारी है। खरीदी केंद्रों में कई सुविधाएं जुटाई गई हैं। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिए किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाने के प्रदेशस्तर से निर्देश जारी किए गए हैं।

किसानों के गेहूं की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है।

इस बार जिले में किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूं उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं।

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Published on:
29 Apr 2026 07:10 am
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