वकील के साथ मारपीट से गुस्साए साथी, मांगा प्रोटेक्शन- see video

प्रोटेक्शन एक्ट के लिए प्रदेश के 90 हजार वकील नहीं गए कोर्ट
2 min read
• •
Updated: 5 Aug 2017, 8:47 AM IST
advocate protection act
advocate protection act

जबलपुर। प्रदेश में वकीलों पर हमले बढ़ रहे हैं। आए दिन होने वाली घटनाओं को देखते हुए प्रदेश भर के वकील सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। लेकिन राज्य सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। यही वजह है कि वकीलों द्वारा लगातार इस मांग को उठाया जा रहा है। प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदेश भर के करीब एक लाख वकीलों ने काम नहीं किया और काम बंद हड़ताल कर दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो यह प्रदर्शन ऐसे ही जारी रहेगा।

प्रदेश के वकीलों की प्रतिनिधि संस्था मप्र स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर शुक्रवार को प्रदेश के नब्बे हजार वकीलों ने अदालतों में पैरवी नहीं की। बार काउंसिल ने वकीलों की सुरक्षा के लिए प्रदेश में एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर यह आह्वान किया था। वकीलों की गैरमौजूदगी के चलते हाईकोर्ट व जिला अदालतों में न्यायिक कार्य खासा प्रभावित हुआ। काउंसिल ने एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट **** अपनी ११ सूत्रीय मांगें मुख्यमंत्री व राज्य सरकार द्वारा वादा करने के बावजूद पूरी न करने का आरोप लगाया है।

आवास के लिए जमीन आवंटन, वकीलों को पेंशन, अधिवक्ता संघों के बिजली बिल माफ करना काउंसिल की मांगों में शुमार है। जिला व तहसील स्तर पर अधिवक्ता संघों के जरिए प्रशासनिक अधिकारियों को सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन सौंप कर वकीलों ने विरोध जताया। अनुमान लगाया जा रहा है कि वकीलों की गैरमौजूदगी के चलते प्रदेश भर की जिला अदालतों में लंबित करीब २५ हजार व हाईकोर्ट की तीनों खंडपीठों में लगभग ३ हजार मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई।

बार कॉउंसिल ऑफ मध्य प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को सिहोरा सिविल न्यायालय के धिवक्ताओं ने न्यायालीन कार्य का बहिष्कार किया। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग को लेकर अनूविभागीय अधिकारी सिहोरा को मुख्य्मंत्री और केंद्रीय विधि मंत्री के नाम ज्ञापन सौपा।
ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश सरकार बीते दस सालों से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने में आनाकानी कर रही है। लगातार अधिवक्ताओं पर हमले होने से अधिवक्ता अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे है। मुख्य्मंत्री ने महापंचायत बुलाकर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की बात करने आश्वासन दिया था, लेकिन मुख्य्मंत्री का आश्वासन छलावा साबित हुआ। ज्ञापन सौपते समय तहसील अधिवक्ता संघ उपाध्यक्ष सिराज अहमद खान, सचिव सिराज अहमद खान, अभय ब्योहार, आलोक ब्यौहार के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल थे।

Updated on:
5 Aug 2017, 8:47 AM IST
Published on: