
Jabalpur cruise accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर में 30 अप्रैल को हुए दर्दनाक हादसे ने सभी के दिल को झकझोर दिया था। बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में बच्चों सहित 13 लोगों ने अपनी जान गवा दी थी। इस हादसे की हृदयविदारक तस्वीर वो थी जिसमें एक 4 साल का बच्चा भी अपनी मां के सीने में लिपटा हुआ मृत पाया गया था। अब इस हादसे के करीब चार महीने बाद पहली बार बरगी बांध के गेट (Bargi Dam gate open) को खोला जाने वाला है। इसके लिए प्रशासन ने अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना जिसे बरगी बांध के नाम से भी जाना जाता है, उसके, जल स्तर को नियंत्रित करने बांध के जल द्वार शुक्रवार शाम या शनिवार सुबह इसके जल द्वार खोले जा सकते हैं। कार्यपालन यंत्री बरगी बांध राजेश सिंह के अनुसार आज शुक्रवार को सुबह 8 बजे बरगी बांध का जल स्तर 420.15 मीटर आंका गया। वर्तमान में बांध की जल उपयोगी क्षमता 2492 mcm (78.36%) है।वर्तमान में बांध मे पानी की आवक 760 क्यूमेक है। जल भराव क्षेत्र में मौसम विभाग के पूर्वानुमान एवं वर्षा को दृष्टिगत रखते हुए, आगामी 24 घंटे के अंतराल में बांध से लगभग 1000 क्यूमेक जल की निकासी की जा सकती है।
बांध के जल द्वार खोलने के पूर्व वायरलेस मैसेज एवं व्हाट्सएप्प ग्रुप में मैसेज के माध्यम से सूचित किया जाएगा। जिससे माँ नर्मदा के घाटों पर 3 से 4 फुट पानी की बढ़ोत्तरी होगी। बांध में पानी की आवक के अनुसार जल की निकासी को कभी भी घटाया अथवा बढ़ाया जा सकता है। कार्यपालन यंत्री ने सर्वसाधारण से माँ नर्मदा के घाटों एवं तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने का अनुरोध किया है।
बता दें कि 30 अप्रैल को शाम को बरगी डैम में आंधी-तूफान के बीच क्रूज डूबने की भयावह घटना हुई थी। इस घटना में 13 लोगों की मौत हुई है जिनमें 4 बच्चे और 8 महिलाएं व एक पुरुष शामिल हैं। जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल 2026 को हुए दर्दनाक क्रूज हादसे की जांच के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। आयोग की जांच अपनी आखरी दौर बताई जा रही है।