जबलपुर

MP में 1 लोकसभा और 3 विधानसभा सीट पर उपचुनाव : कोरोना संकट के चलते केंद्रीय चुनाव आयोग से की गई उपचुनाव टालने की मांग

उपचुनाव टालने की मांग केंद्रीय चुनाव आयोग से की गई है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से आयोग को लीगल नोटिस भेजा गया है।

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MP में 1 लोकसभा और 3 विधानसभा सीट पर उपचुनाव : कोरोना संकट के चलते केंद्रीय चुनाव आयोग से की गई उपचुनाव टालने की मांग

जबलपुर/ मध्य प्रदेश में खंडवा लोकसभा समेत 3 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव अटके हुए हैं, जिसे लेकर प्रदेश में सक्रीय राजनीतिक दलों के साथ साथ प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरु की जा चुकी है। इसी बीच उपचुनाव टालने की मांग केंद्रीय चुनाव आयोग से की गई है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से आयोग को लीगल नोटिस भेजा गया है। इसमें पिछले दिनाें निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में राज्य चुनाव आयोग के जवाब का हवाला दिया गया है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने निकाय चुनाव टालने को लेकर दायर जनहित याचिका निराकरण किया था।


1 लोकसभा और 3 विधानसभा सीटों पर होने हैं उपचुनाव

नागरिक उपभोक्ता मंच के मार्गदर्शक डॉ. पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव ने ई-मेल से केंद्रीय चुनाव आयोग को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में 7 दिनों के अंदर निर्णय लेने की भी अपील की गई है। नोटिस के जरिये मध्य प्रदेश के खंडवा लोकसभा और तीन रिक्त विधानसभा (निवाड़ी के पृथ्वीपुर, जोबट और रैगांव) सीट पर उपचुनाव फिलहाल स्थगित करने की मांग की गई है।


जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट में खुलासा- कोरोना का डेल्टा वैरिएंट 33 फीसद

मध्य प्रदेश की जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा 27 जुलाई को राज्य चुनाव आयोग ने स्थानीय निकायों के चुनाव संबंध में अंडरटेकिंग देते हुए कहा कि, प्रदेश में कोरोना की जमीनी वस्तुस्थिति पर आकलन चल रहा है। हालांकि, चुनाव भी जनहित में है, लेकिन, जरा सी चूक से किसी बड़ घटना को न्योता नहीं दिया जा सकता। इसलिये जबतक पूरी तरह आश्वस्त नहीं होंगे, तब तक निर्णय नहीं लिया जा सकता। नोटिस के जरिये कहा गया था कि, 31 जुलाई 2021 को प्रदेश के स्वास्थ्य संचालनालय की जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट 33 फीसदी तक पाया गया। इसकी संक्रमण फैलाने की ताकत अधिक होती है।


'दूसरी लहर में पड़ चुका है दमोह उपचुनाव का असर'

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच द्वारा भेजे गए नोटिस में चुनाव आयोग से कहा गया है कि, ऐसी स्थिति में आगामी उप चुनाव कोरोना के सुपर स्प्रेडर बन सकते हैं। इस कारण उप चुनाव फिलहाल स्थगित किया जाए। कुछ महीने पहले दमोह में हुए उप चुनाव में कोरोना के चलते 1 हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, हमें इससे सबक लेना चाहिए। वर्तमान स्थितियों में उप चुनाव कराना जनहित के लिये गलत निर्णय साबित हो सकता है।

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Published on:
02 Aug 2021 08:06 pm