स्टेशन पर यात्रियों के लिए ठंडा पानी भी नहीं

ए क्लास स्टेशन पर बदइंतजामी की रेल, मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 4 और 5 पर बुनियादी सुविधाओं को भी तरसे यात्री, ठंडा पानी और पुलिस सहायता केंद्र भी नहीं
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Oct 25, 2015
railway station
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(फोटो- प्लेटफार्म नंबर 4 पर खुले में खड़े यात्री)

जबलपुर।
पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्यालय का मुख्य स्टेशन। 'एÓ क्लास केटेगिरी। रेल प्रशासन का बेहतर यात्री सुविधा मुहैया कराने का दावा। लेकिन दो नए प्लेटफॉर्म पर 'दिया तले अंधेराÓ। जबलपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म 4 और 5 पर यात्रियों की तमाम बुनियादी जरुरतों को नजरअंदाज कर दिया गया है। इन प्लेटफॉर्म में न तो पीने के लिए ठंडा पानी है और न ही यात्रियों की मदद के लिए पुलिस सहायता केंद्र। प्लेटफॉर्म में आवश्यक सूचना पटल भी नहीं है।

ट्रेनों का 5-10 मिनट का स्टॉपेज

मुख्य स्टेशन के दोनों नए प्लेटफॉर्म पर ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव है। इसमें उत्तर प्रदेश और बिहार को मुंबई एवं पुणे से जोडऩे वाली ट्रेनें हैं। इन फुल रैक की ट्रेनों का 5-10 मिनट का स्टॉपेज है। सुविधाओं की कमी के कारण ट्रेनों के आने पर स्टॉल में छीना-छपटी की नौबत बनती है। ट्रेन और यात्रियों की भागमभाग के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

25 हजार यात्रियों की रोज आवाजाही

रेलवे के जानकारों के मुताबिक प्लेटफॉर्म क्रमांक-4 और 5 में एक दिन में तकरीबन 15 ट्रेन पास हो रही हैं। रोजाना 25 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही है। जनसंपर्क अधिकारी केके दुबे के अनुसार यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्लेटफॉर्म के शेष रह गए कार्यों को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पहले की जल्दबाजी

रेल प्रशासन ने नए प्लेटफॉर्म के निर्माण में ढिलाई बरतने के बाद उसके शुभारंभ में हड़बड़ी दिखाई। सांसद राकेश सिंह के व्यस्त कार्यक्रम और तारीख के अभाव के चलते निर्माण कार्य पूरा होने के पहले ही लगभग पांच माह पहले लोकार्पण कर लिया। आयोजन में सांसद के साथ ही पमरे जीएम रमेश चंद्रा ने लंबित सुविधाओं को शीघ्र मुहैया कराने की घोषणा की थी।

ये सुविधाएं नहीं

वाटर कूलर, पीसीओ बूथ, डस्टबिन, मिल्क पार्लर,बुक स्टॉल, आरक्षण चार्ट, पूछताछ, विश्रामालय के सूचना संबंधी डिस्प्ले

इसलिए असुरक्षित

फुट ओवर ब्रिज में दोनों ओर जाली नहीं है। जीआरपी का पुलिस सहायता केंद्र नहीं है। शिकायत और सुझाव के लिए फोन नंबर संबंधी बोर्ड नहीं है। प्राथमिक चिकित्सा/व्हील चेयर उपलब्धता की जानकारी नहीं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं।

आधी-अधूरी व्यवस्थाएं

प्लेटफॉर्म पर केंटीन के महज 2 स्टॉल हैं। एफओबी-2 के पास बने स्टॉल के ऊपर शेड तक नहीं है। केंटीन स्टॉल में पानी के कार्टन पर काउंटर है। प्लेटफॉर्म के दोनों एंड पर स्थायी शौचालय का निर्माण नहीं।
Published on:
25 Oct 2015 08:32 am
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