
Premanandji Disciple Rasik Dulari Sharan Case : संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मृत्यु के बाद जहां जबलपुर में परिजन दुखी हैं वहीं देशभर में साधु संतों में आक्रोश पनप रहा है। संत समाज इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी मामले की गहराई से जांच करने की बात कहकर दबाव बढ़ा दिया है। वृंदावन में भी रसिक दुलारी शरण केस की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। इसके लिए धर्म रक्षा सेना के तत्वावधान में बाकायदा एक बैठक बुलाई गई। यहां मथुरा के महंत मोहिनी शरण महाराज ने साफ शब्दों में कहा कि साधक रसिक दुलारी शरण के साथ कुछ गलत हुआ है। इस जघन्य अपराध की सच्चाई सामने आना जरूरी है। उनकी मौत से हम सभी दुखी हैं। महंत मोहिनी शरण महाराज ने वृंदावन की पवित्रता बनाए रखने के लिए संतो के वेश में आ रहे असामाजिक तत्वों की भी जांच की मांग की।
दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण के परिजन शुरु से ही मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। इसके लिए बाकायदा पुलिस को शिकायत भी की है। दीपक लोधी के परिजन सीबीआई जांच की बात कह रहे हैं जबकि अभी मथुरा पुलिस तहकीकात कर रही है।
इस बीच वृंदावन में धर्म रक्षा सेना की बैठक में भी रसिक दुलारी शरण की दुखद मौत पर शोक व्यक्त किया गया। महंत गंगादास ने आरोप लगाया कि प्रेमानंदजी के शिष्य के साथ किसी ने आतंकी जैसा दुर्व्यवहार किया।
मथुरा के महंत मोहिनी शरण महाराज ने मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच नहीं करने पर संत समाज द्वारा बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी। महंत मोहिनी शरण महाराज ने कहा कि 'युवा साधक रसिक दुलारी शरण की मौत का हमें बहुत दुख है। इस वारदात पर प्रशासन ने अभी तक चुप्पी साध रखी है। मामले में उच्च स्तरीय जांच से ही न्याय किया जा सकेगा।
महंत मोहिनी शरण महाराज ने कहा कि वृंदावन में कई असामाजिक तत्व भी साधु के भेष में घूम रहे हैं। ये लोग संतों के जैसे कपड़े पहनकर, लंबी जटाएं, दाढ़ी और तिलक लगाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यह जांचा जाए कि कथित साधु किस अखाड़े से हैं, किस महात्मा के शिष्य हैं? महंत मोहिनी शरण महाराज ने कहा कि वृंदावन, सनातन धर्म का स्तंभ है और इसकी पवित्रता बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।
बैठक में महंत मोहिनी शरण महाराज ने कहा कि कोई भी युवा साधु अपना गुप्तांग काटकर छत से नहीं गिर सकता है। उन्होंने घटना को जघन्य अपराध बताया। महंत मोहिनी शरण महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया।