जबलपुर

डीजीपी सर! बीमा में शामिल कराएं कोरोना का इलाज

-एक आरक्षक ने कहा मुल्जिम पेशी के लिए वीडियो काफ्रेंसिंग की शुरू कराएं सुविधा-कोरोना संक्रमित हो चुके मातहतों ने डीजीपी को दिए सुझाव, सुनाएं बीमारी के अनुभव
2 min read
• •
Updated: 16 Oct 2020, 10:29 PM IST
suggestions to DGP.jpg
suggestions to DGP

जबलपुर। डीजीपी सर! कोरोना संक्रमण के बीच पुलिस कर्मियों को मिलने वाली बीमा में इसे शामिल कराएं। इससे काफी मदद मिलेगी। एक आरक्षक ने कहा कि मुल्जिम पेशी में काफी खतरा रहता है। न्यायालय से समन्वय बनाकर यदि वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की व्यवस्था शुरू करा दें तो काफी राहत मिलेगी। कोरोना संक्रमित होने पर पुलिस कर्मियों के लिए खुद का एक वाहन होना चाहिए। शुक्रवार को डीजीपी विवेक जौहरी जिले में पदस्थ कोरोना संक्रमित रह चुके पुलिस कर्मियों से रूबरू थे। इस दौरान जहां उनके अनुभव और ड्यूटी में आने वाली परेशानियां जानने का प्रयास किया। वहीं उनके सुझाव भी मांगे।

IMAGE CREDIT: patrika

महिला अपराध सेल की निरीक्षक प्रीति तिवारी ने कहा कि 36 थाने में महिला डेस्क और 16 ऊर्जा डेस्क का गठन हुआ है, लेकिन प्रभारियों के लिए वाहन की व्यवस्था ही नहीं है। इससे आने-जाने या त्वरित शिकायत अटेंड करने में परेशानी होती है। गढ़ा टीआई राकेश तिवारी ने एमआरआई सेंटर में सिटी स्कैन के दौरान पुलिस कर्मियो को वरीयता दिलाने का सुझाव रखा। इससे पहले डीजीपी ने कोरोना संक्रमित होने के बाद जान गंवाने वाले जाबाज खितौला टीआई गोपाल सिंह जगेत और प्रधान आरक्षक अभय नोरिया को पुष्पांजलि अर्पित की। डीजीपी ने पुलिस कर्मियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मैं जबलपुर को अच्छे जानता हूं। यहां हमेशा से टफ पुलिसिंग रही है। कोरोना से बचने के लिए सेनेटाइजेशन, मास्क, सतर्कता पर विशेष ध्यान देना होगा। इस मौके पर आईजी भगवत सिंह चौहान, एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा, एएसपी अमित कुमार, अगम जैन, शिवेश सिंह बघेल, एएसपी आशीष खरे मौजूद रहे।

IMAGE CREDIT: patrika
Published on: