
जबलपुर। शहर में कुछ बैंकों के एटीएम में ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो आपके एटीएम की क्लोनिंग कर खाते से रकम उड़ा सकता है। ऐसा ही एक प्रकरण बुधवार को सामने आया। जालसाजों ने रिज रोड स्थित मुख्यालय मुख्य अभियंता (आर्मी) में सूबेदार शैलेन्द्र कुमार गुप्ता के एटीएम की क्लोनिंग कर उसके खाते से एक लाख रुपए दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शिकायत पर ओमती पुलिस ने मामले को जांच में लिया है।
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एटीएम की क्लोनिंग कर सेना में सूबेदार के खाते से एक लाख निकाले
रिज रोड स्थित मुख्यालय मुख्य अभियंता (आर्मी) में है पदस्थ
सूबेदार शैलेन्द्र ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उसका खाता एसबीआइ में है। एक दिसम्बर को वह शाम 5 बजे मुख्य ब्रांच स्थित एटीएम से पैसे निकालने गए थे। अंदर लाइन लगी थी, उसके आगे लगे आदमी ने खुद से पहले उसे पैसे निकालने का ऑफर दिया। कारण बताया कि उसे कई ट्रांजेक्शन करने हैं। शैलेन्द्र ने एक बार प्रोसेस किया तो पिन गलत बताया। दूसरी बार में प्रोसेस पूरा हो गया और वह पैसे लेकर घर चला गया। 2 दिसम्बर की सुबह उठा तो मोबाइल में पांच कैश ट्रांजेक्शन के एसएमएस थे, जिससे चैक किया तो खाते से एक लाख रुपए निकल चुके थे। सारी रकम उसके खाते से योगेंद्र कुमार व हरीराम बर्मन नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की है।
चिप या गोपनीय कैमरा लगाकर करते हैं क्लोनिंग
स्टेट साइबर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर हरिओम दीक्षित ने बताया कि साइबर अपराधी किसी भी एटीएम में गोपनीय कैमरा या चिप लगाकर किसी भी ग्राहक के एटीएम की पूरी गोपनीय जानकारी चुरा सकते हैं। बाद में उसका उपयोग कर किसी के खाते से रकम उड़ाई जा सकती है।