तो यात्रियों का ऑटो के धुएं से नहीं घुटेगा दम

शहर के प्रमुख मार्गों पर दौड़ेंगे ई-रिक्शा, परमिट जारी करने के निर्देश न शोर न धुआं, सफर भी सुखद, ओवर लोडिंग से भी मिलेगी निजात

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Oct 25, 2015
E-rickshaws will run on major routes in the city
(प्रतीकात्मक फोटो)

जबलपुर।
शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जल्द ही ई-रिक्शा दौड़ते नजर आएंगे। परिवहन विभाग ने शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा को परमिट जारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे ऑटो की संख्या में कमी आएगी। ई-रिक्शा चलाने में भी फायदा होगा। बैटरी से चलने वाले ई-रिक्शा में पांच लोगों को बिठाने की अनुमति है। जबकि, ऑटो में तीन से अधिक बिठाने पर ओवरलोडिंग में चालान हो जाता है। पहले ई-रिक्शा के लिए अलग मार्गो के निर्धारण की बात सड़क सुरक्षा समिति में तय हुई थी, लेकिन शहर में ऑटो की धमाचौकड़ी देखते हुए अब पूरे शहर में ई-रिक्शा चलाने की अनुमति मिलेगी।

सोलर से चार्ज होगी बैटरी

परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा बेचने वाले एजेंसी को वाहन की छत पर सोलर सिस्टम भी फिट करने के निर्देश दिए हैं। इससे सूर्य की रोशनी से बैटरी चार्ज होती रहेगी। ई-रिक्शा के परमिट में एक स्टॉप से यात्री को बिठाने और अगले स्टॉप पर उतारने की सुविधा रहती है। इसमें ऑटो की तर्ज पर बुकिंग नहीं करना पड़ती। डीजल या पेट्रोल की खपत न होने से यह काफी सस्ता पड़ता है। यात्रियों को भी किराए में राहत मिलती है।

एक रुपए प्रति किमी होगा किराया

सूत्रों की मानें, तो परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा का किराया भी प्रस्तावित कर दिया है। एक से पांच किमी के लिए पांच रुपए तय किए गए हैं। इसके बाद प्रति किमी एक रुपए की दर से किराया देना होगा। ऑटो की तुलना में यह काफी सस्ता है। रेलवे स्टेशन से मेडिकल कॉलेज के लिए आठ से दस रुपए ही देने होंगे। जबकि, ऑटो वाले अभी इसके लिए 20 रुपए वसूल करते हैं।

रजिस्ट्रेशन शुरू

ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं। इसमें पांच सवारियों को बिठाने की अनुमति होगी। शहर में ई-रिक्शा चलाने पर जोर दिया जाएगा। ताकि, शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिल सके।

जितेंद्र सिंह रघुवंशी,
प्रभारी आरटीओ
Published on:
25 Oct 2015 08:44 am
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