
कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल | फोटो सोर्स- ANI
Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान को लेकर कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को लोकसभा में संसद की नियमित कार्यवाही रोककर इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि मंदिर के चढ़ावे और सार्वजनिक दान में बड़े पैमाने पर हेरफेर और वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में कराने की मांग की है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपने नोटिस में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश-दुनिया के करोड़ों राम भक्तों ने अपनी कमाई का पैसा और कीमती आभूषण मंदिर में दान किए थे, लेकिन वहां एक संगठित गिरोह था जिसने इस पवित्र चढ़ावे में व्यवस्थित तरीके से सेंध लगा दी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक वित्तीय घोटाला नहीं है, बल्कि देश के 140 करोड़ लोगों के भरोसे और उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ किया गया बहुत बड़ा विश्वासघात है।
कांग्रेस सांसद ने कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस बड़े घोटाले और गड़बड़ी को छिपाने के लिए मंदिर परिसर की करीब 7 से 8 महीने की CCTV फुटेज को जानबूझकर मिटा दिया गया। इसके साथ ही साल 2020-21 में जिन मुख्य लेखा अधिकारी ने इन गड़बड़ियों को पहली बार पकड़ा और उजागर किया था, उन्हें सच्चाई सामने लाने की सजा देते हुए अचानक पद से हटा दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि सच सामने लाने वाले लोगों की आवाज को दबाने की पूरी कोशिश की गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस मामले में बनाई गई स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) और दर्ज की गई FIR पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 13 जून को बनी SIT और 25 जून को दर्ज हुई FIR केवल एक दिखावा है। इसके जरिए सिर्फ निचले स्तर के आउटसोर्स कर्मचारियों को निशाना बनाकर बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि इस करोड़ों रुपये के गबन के पीछे जो असली और प्रभावशाली मास्टरमाइंड बैठे हैं, उन्हें साफ तौर पर बचाने का खेल चल रहा है।
कांग्रेस ने कहा है कि लोकसभा को अपनी सभी नियमित बहसों और कार्यवाही को रोककर तुरंत इस संवेदनशील और पवित्रता से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करानी चाहिए। विपक्ष का कहना है कि केंद्र सरकार को इस गंभीर मामले में तुरंत दखल देना चाहिए और एक स्वतंत्र, उच्च स्तरीय जांच समिति बनानी चाहिए ताकि राम मंदिर के पवित्र चढ़ावे की सुरक्षा पक्की हो सके और बड़े से बड़े गुनहगारों की जवाबदेही तय कर उन्हें कड़ी सजा दी जा सकें।
बुधवार को संसद शुरू होने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में आज का तय काम रोकने के नोटिस दे दिए। इसी बीच लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि आजकल नेता अपने फायदे के लिए बहुत आसानी से पार्टियां बदल लेते हैं, जिसे रोकना बहुत जरूरी है। इसके लिए मनीषराज्यसभा में कावेरी जल विवाद पर सरकार के जवाब पर उठे सवाल तिवारी ने पुराना कानून बदलकर एक नया और कड़ा दल-बदल विरोधी कानून बनाने की मांग की है। विपक्ष ने चुनाव सुधार से लेकर राज्यों के बीच जारी पानी के विवाद जैसे कई बड़े मुद्दों पर भी तुरंत बहस कराने की मांग उठाई है।
दूसरी तरफ राज्यसभा में कांग्रेस सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने नियम 267 के तहत कार्य स्थगन का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कावेरी नदी जल विवाद को लेकर जल शक्ति मंत्रालय द्वारा दिए गए एक लिखित उत्तर को भ्रामक बताते हुए सदन में तुरंत चर्चा की मांग की। चक्रवर्ती ने कहा कि कावेरी जल विनियमन समिति ने कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए तुरंत 4 टीएमसी फीट पानी छोड़ने के लिए कहा है, लेकिन इस पर अभी तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिससे तमिलनाडु के किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
Updated on:
29 Jul 2026 11:05 am
Published on:
29 Jul 2026 10:19 am
