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Pralhad Joshi Controversy: “क्या अब राजनीति में भाषा की मर्यादा ही खत्म हो गई?” प्रियंका गांधी के एक बयान पर मचा बवाल, भड़की बीजेपी ने पूछा- आखिर कब तक?

BJP vs Congress : संसद के भीतर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर कांग्रेस नेताओं के बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। बीजेपी का साफ कहना है कि विपक्ष को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए और जनप्रतिष्ठित नेताओं पर अमर्यादित टिप्पणियों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
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Pralhad Joshi Controversy

Pralhad Joshi Controversy : संसद में प्रियंका के बयान पर BJP का पलटवार, शाहनवाज बोले- 'देश माफ नहीं करेगा' (फोटो सोर्स: ANI)

Priyanka Gandhi Statement: संसद भवन का गलियारा इन दिनों सियासी बहसों से ज्यादा मर्यादा की सीमाओं को लेकर चर्चा में है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ नेता प्रह्लाद जोशी के खिलाफ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा दी गई हालिया टिप्पणी पर सत्ता पक्ष पूरी तरह से हमलावर हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने इस मुद्दे पर गांधी परिवार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि "राहुल गांधी और प्रियंका गांधी संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आदी हो चुके हैं।"

शाहनवाज हुसैन ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा:

"प्रह्लाद जोशी जी के लिए जिस प्रकार की भाषा का उपयोग प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने किया है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों नेताओं को संसद के नियम और उच्च परंपराओं का सम्मान करते हुए तुरंत देश और सदन से क्षमा मांगनी चाहिए।"

'मंत्रिमंडल का चयन प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार'

शाहनवाज हुसैन ने साफ किया कि किस नेता को कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी, यह निर्णय पूरी तरह प्रधानमंत्री का संवैधानिक विशेषाधिकार (Prerogative) है।

प्रह्लाद जोशी का रिपोर्ट कार्ड: बीजेपी नेता ने याद दिलाया कि प्रह्लाद जोशी ने एक मंत्री के तौर पर कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी का बेहद सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।

गांधी परिवार की मानसिकता पर सवाल: शाहनवाज ने चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल और प्रियंका गांधी शायद यह मानकर चल रहे हैं कि देश के मंत्रिमंडल का गठन भी उनसे परामर्श लेकर ही किया जाना चाहिए।

जनता का फैसला: उन्होंने कहा कि संसदीय मर्यादाओं को बार-बार लांघने की इस प्रवृत्ति को देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी और न ही उन्हें माफ करेगी।

क्या है पूरा विवाद?

यह राजनीतिक घमासान तब शुरू हुआ जब संसद में 'पेपर लीक विरोधी विधेयक' पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने नए शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने एक पुराने विवाद का जिक्र करते हुए जोशी पर बयान दिया, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत पूरी बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया।

महिलाओं के सम्मान' के मुद्दे पर प्रियंका गांधी का बड़ा हमला

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों के आरोपियों का बचाव करने वाले व्यक्ति से अधिक शर्मनाक कोई नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे व्यक्ति का देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारी संभालना करोड़ों छात्राओं और विद्यार्थियों के सम्मान के अनुरूप नहीं है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि देशभर की करोड़ों छात्राएं उन शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करती हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब प्रल्हाद जोशी के पास है। उनका आरोप था कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश की महिलाएं ऐसे दृष्टिकोण को स्वीकार नहीं करेंगी।

पक्षमुख्य तर्क / स्टैंड
कांग्रेस (प्रियंका/राहुल)मंत्री पद के चयन और पुराने बयानों को लेकर सवाल खड़े किए।
बीजेपी (सत्ता पक्ष)इसे व्यक्ति-चरित्र हनन (Character Assassination) और नियम-विरुद्ध बताया; बयान को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।

सदन के भीतर मचे इस हंगामे के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्तक्षेप करना पड़ा और सदस्यों को तथ्यों के बिना आरोप न लगाने की हिदायत दी गई। बीजेपी का मानना है कि विपक्ष मूल मुद्दों पर बहस करने के बजाय भाषा का स्तर गिराकर लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर रहा है।