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दिल्ली प्रदर्शन में पेलेट गन चलने का खुलासा, पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज- DCP के आदेश पर दागे गए पेलेट

CJP Protest Police Pellet Gun: दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन चलने का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड में डीसीपी का नाम आया है, पर अधिकारी ने कहा कि वे वहां थे ही नहीं। जानिए क्या है पूरा मामला।
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नई दिल्ली

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Pratiksha Gupta

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Updated: 29 Jul 2026, 11:26 AM IST

Delhi Police Controversy, Jantar Mantar Protest, RAF Deputy Commandant

20 जुलाई की हिंसा पर बड़ा खुलासा, जनरल डायरी में पेलेट इस्तेमाल का जिक्र | फाइल फोटो

Delhi Police Controversy: दिल्ली में पिछले दिनों हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पेलेट गन का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के ही एक सरकारी रिकॉर्ड से पता चला है कि 20 जुलाई को हुए CJP प्रदर्शन के दौरान भीड़ को रोकने के लिए कम से कम दो बार पेलेट (प्लास्टिक की छोटी गोलियां) दागी गई थी। यह जानकारी रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक डिप्टी कमांडेंट के बयान के बाद पुलिस के आधिकारिक दस्तावेज में दर्ज हुई है। दूसरी तरफ जिस डीसीपी के आदेश पर यह गोलियां चलाने की बात कही जा रही है, उन्होंने साफ कह दिया है कि वे उस समय घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे।

पुलिस की सीक्रेट डायरी से खुला राज

संसद मार्ग थाने की जनरल डायरी (GD) में 22 जुलाई को रात 1:24 बजे दर्ज की गई एक एंट्री से इस पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ है। प्रविष्टि संख्या 0008A के मुताबिक, RAF के डिप्टी कमांडेंट ने बताया कि जंतर-मंतर क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान भीड़ को काबू में करने के लिए डीसीपी नॉर्थ राजा बंथिया के आदेश पर नॉन-इलेक्ट्रिकल शेल, आंसू गैस के गोले और पेलेट गन चलाई गई थी। इस सरकारी रिकॉर्ड पर सब-इंस्पेक्टर के साइन और थाने की मुहर भी लगी हुई है।

आरोपों पर डीसीपी ने क्या सफाई दी?

इस पूरे विवाद पर डीसीपी नॉर्थ राजा बंथिया ने पुलिस के बड़े अधिकारियों को बताया कि जिस समय यह घटना हुई, वह कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल या जंतर-मंतर इलाके में थे ही नहीं। शुरुआती जांच में उन्होंने बताया कि उनकी ड्यूटी उस दोपहर पटेल चौक मेट्रो स्टेशन के पास अशोका रोड और गोल डाक खाना के पास थी, जो कि पालिका बाजार गांधी चौक यानी मुख्य घटनास्थल से काफी दूर है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब घटना 20 तारीख की थी, तो RAF के अधिकारी ने दो दिन बाद डायरी में यह बात क्यों दर्ज करवाई।

5 लोगों को लगी थीं गोलियां, पुलिस कमिश्नर ने बैठाई जांच

इस प्रदर्शन के बाद पांच लोगों ने आरोप लगाया था कि उन्हें पुलिस की कार्रवाई के दौरान पेलेट लगे हैं। इनमें एक निजी कंपनी का कर्मचारी, एक महिला, एक पत्रकार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई गई। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने जोन-1 के सीनियर अधिकारियों को इस पूरे मामले की गहन जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल ज्वाइंट सीपी और स्पेशल सीपी रैंक के अधिकारी सीसीटीवी फुटेज, वायरलेस कम्युनिकेशन और लोकेशन की जांच कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

पेलेट गन के इस्तेमाल के खिलाफ अब कानूनी मोर्चा भी खुल गया है। तीन प्रदर्शनकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस याचिका में स्पष्ट मांग की गई है कि नागरिक प्रदर्शनों और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पंप एक्शन राइफल या पेलेट गन के इस्तेमाल पर देश में पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

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