
लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन बिल पर गरमाई सियासत, photo- ANI
Parliament Session: पेपर लीक विरोधी बिल पर लोकसभा में बहस के दौरान कांग्रेस समेत कई विपक्षी सांसदों ने सरकार पर तीखा तंज कसा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा तंज कसा। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल कहा कि, वे संसद इसलिए नहीं आते क्योंकि उन्हें अपनी गलती का एहसास है। वे 56 इंच के सीने की बात तो करते हैं, लेकिन संसद में सांसदों का सामना करने के लिए उनमें 5 इंच का सीना भी नहीं है।
लोकसभा में पेपर लीक विरोधी बिल पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, सोनम वांगचुक शांतिपूर्वक भूख हड़ताल पर बैठे थे, लेकिन सरकार ने उन्हें 'कफ़न' ओढ़ा दिया। 20 जुलाई के मार्च में छात्रों को अपमानित किया गया, मैंने उनका दर्द महसूस किया है। छात्रों ने सिर्फ न्याय की मांग की लेकिन बदले में उन्हे लाठियां खानी पड़ी। यह सरकार की विफलता है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होने कहा कि, जब इतने सारे युवा शिक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध कर रहे थे, तब BJP ने एक ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जो बलात्कारियों का बचाव करते हैं। वह बेहद घटिया किस्म का इंसान है। जो व्यक्ति यह कहे कि बलात्कारियों को सुरक्षा की ज़रूरत है। आज देश के शिक्षा मंत्री वही हैं। प्रधानमंत्री का यह रवैया अजीब है कि उनकी कैबिनेट में इतने सारे लोग हैं। वह उनमें से किसी को भी चुन सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसे व्यक्ति को चुना जो बलात्कारियों को बचाता है।
लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाले बिल पर बहस के दौरान TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, हर पीढ़ी सरकार के लिए अपना रिपोर्ट कार्ड खुद तैयार करती है। BJP के रिपोर्ट कार्ड पर सिर्फ एक ही शब्द लिखा होगा- 'नाकामयाबी'। युवा कॉम्पिटिशन से नहीं डरते, वे भ्रष्टाचार से डरते हैं। उन्हें परीक्षा से डर नहीं लगता, बल्कि सिस्टम से डर लगता है। देश का युवा अब सरकार से सवाल करता है और सरकार को उनके सवालों का जवाब देना पड़ेगा।
Updated on:
28 Jul 2026 08:37 pm
Published on:
28 Jul 2026 08:12 pm
