
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (फ़ोटो- ANI)
Tej Pratap yadav: बिहार के पूर्व मंत्री और जन शक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को आखिरकार पटना की बेउर जेल से रिहा कर दिया गया है। कोर्ट के आदेश और प्रशासनिक आदेश जारी होने के बाद मंगलवार को वे जेल से बाहर आए। सुबह से ही जेल परिसर के बाहर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा थी। जैसे ही तेज प्रताप जेल के गेट से बाहर निकले, कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका स्वागत किया। अपनी गाड़ी से हाथ जोड़कर समर्थकों का अभिवादन करते हुए, वे सीधे कौटिल्य नगर स्थित अपने मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नए आवास के लिए रवाना हो गए।
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों और गिरफ्तारियों की समीक्षा के बाद बिहार गृह विभाग ने सोमवार शाम एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कुछ खास कैटेगरी के लोगों के लिए राहत और मामले वापस लेने के प्रावधान बताए गए थे। इसके बाद आज कोर्ट में जरूरी कागजी कार्रवाई और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बेउर जेल प्रशासन को औपचारिक रिहाई का आदेश सौंपा गया, जिसके बाद उन्हें तुरंत रिहा कर दिया गया।
NEET पेपर लीक को लेकर पटना में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान 25 जून को तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया गया था। वे पटना के रामगुलाम चौक और गांधी मैदान क्षेत्र में विरोध कर रहे छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरे थे। इसके बाद, पुलिस ने गांधी मैदान पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ FIR दर्ज की, जिसमें उन पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया गया।
पटना में फ्रेजर रोड पर सेंट्रल मॉल के पास पुलिस की एक टीम ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में देर रात उन्हें कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया था।
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके छोटे भाई और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा था कि सरकार विपक्षी नेताओं और विधायकों को निशाना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि CPI(ML) विधायक सौरभ और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव को झूठे आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
तेजस्वी ने सरकार को चेतावनी देते हुए मांग की थी कि गिरफ्तार किए गए सभी नेताओं और निर्दोष छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले तुरंत वापस लिए जाएं और उन्हें जल्द रिहा किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस लेने के फैसले के बावजूद, पुलिस जबरदस्ती आरोप दर्ज कर रही है और बिहार के कई जिलों में सैकड़ों छात्रों को जेल में डाल रही है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर यह मनमाना रवैया बंद नहीं हुआ, तो पूरा विपक्ष राज्य भर में एक बड़ा और जोरदार आंदोलन शुरू करेगा।
Updated on:
28 Jul 2026 08:34 pm
Published on:
28 Jul 2026 08:12 pm
