
Anurag Thakur in Parliament (Photo: IANS)
Anurag Thakur in Parliament: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि पेपर लीक आतंकवाद से कम खतरनाक नहीं है, क्योंकि इसका सबसे बड़ा नुकसान देश के युवाओं को उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से 2024 के कानून में संशोधन कर उसे और अधिक सख्त और प्रभावी बनाया जा रहा है। ठाकुर ने कहा कि सरकार ऐसा तंत्र विकसित करना चाहती है जिससे मामलों में अनावश्यक देरी न हो और पूरी परीक्षा प्रणाली अधिक मजबूत व पारदर्शी बने।
अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब सदन में इस मुद्दे पर चर्चा हो रही थी तब विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा था। अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी तंज कसते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश की। उन्होंने कहा राहुल गांधी को लगा कि युवाओं ने पूछा नहीं, इसलिए अखिलेश जी के साथ प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर लेट गए। अनुराग ठाकुर कहा किया कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलते ही केंद्र सरकार ने तीन दिन के भीतर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया और 40 हजार से अधिक परीक्षा केंद्रों पर महज 45 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी जो युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के भाषण पर भी पलटवार किया और प्रोफेसर वी. कामाकोटी पर की गई टिप्पणी का विरोध किया। ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े होने में कोई गलत बात नहीं है और देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों का उपहास उड़ाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं और आर्टिफीसियल पर शोध करने वाला वैज्ञानिक भारतीय परंपराओं पर भी अध्ययन कर सकता है।
बीजेपी सांसद ने कहा कि मोदी सरकार जरूरत पड़ने पर कानूनों में सुधार करने से पीछे नहीं हटती और यही कारण है कि 2024 के कानून में भी संशोधन लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक मामले में शामिल सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित कर परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि छात्र बेहतर परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। लेकिन जो असामाजिक तत्व हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल थे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
Updated on:
28 Jul 2026 08:20 pm
Published on:
28 Jul 2026 07:57 pm
