MP News: जिस मां ने जीवन दिया, आंचल की छांव में पाला, हर मुसीबत में ढाल बनकर खड़ी रही। संपत्ति अपने नाम कराने के बाद उस मां को परिवार से अलग छत पर 42 डिग्री पारेके बीच घुट-घुटकर मरने छोड़ दिया। 95 साल की मां नीचे नहीं आ जाए, इसलिए दरवाजा लगवा दिया।
MP News: जिस मां ने जीवन दिया, आंचल की छांव में पाला, हर मुसीबत में ढाल बनकर खड़ी रही। संपत्ति अपने नाम कराने के बाद उस मां को परिवार से अलग छत पर 42 डिग्री पारेके बीच घुट-घुटकर मरने छोड़ दिया। 95 साल की मां नीचे नहीं आ जाए, इसलिए दरवाजा लगवा दिया। वह तभी खुलता जब बहू या बेटा खाने देने वहां पहुंचते थे। बहू-बेटे(Elderly abuse Jabalpur) और पोते को तो रहम नहीं आया पर पड़ोस के लोगों का कलेजा कांप गया। एक गुमनाम खत के बाद कलेक्टर ने तहसीलदार को शिकायत की जांच के लिए घर भेजा और उन्हें मुक्त कराया। हैरान करने वाला ये मामला जबलपुर का बताया जा रहा है।
पूछताछ में पता चला, बुजुर्ग मां(Elderly abuse Jabalpur) को छह माह पहले बेटे ने छत पर पहुंचा दिया। सर्दी की रातें भी वहीं काटी थीं। झुलसाने वाली गर्मी में भी तरस नहीं आया। पड़ोसियों ने बताया कि मां कुछ बोलती नहीं थीं, चुपचाप किसी कोने में बैठी रहतीं या फिर बिस्तर पर लेट जाती थीं। खाने-पीने का सामान प्लास्टिक के बर्तन में दिया जा रहा था।
जांच में पता चला किराना कारोबारी मेवालाल गुप्ता की मां के नाम सतना में प्रॉपर्टी थी। मेवालाल ने उसे नाम करा ली। फिर व्यवहार बदल गया। तहसीलदार जानकी छत पर पहुंची तो बुजुर्ग मां पिलर के सहारे चुपचाप बैठीं थीं। बेटे को बुलाया फटकार लगाई। बेटे की सफाई थी कि नीचे रहने पर वह घर से बाहर निकल जाती थीं।