मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दवाओं की सप्लाई करने वाली कंपनी को 1.25 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान करने के मामले में ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है।
EOW Action : मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दवाओं की सप्लाई करने वाली कंपनी को 1.25 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान करने के मामले में ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है। मेडिकल की तत्कालीन संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक सविता वर्मा सहित फार्मासिस्ट आरपी दुबे, मेडिनोवा फार्मासिटिकल एंड सर्जिकल डिस्ट्रीब्यूटर नेपियर टाउन के संचालक पर मंगलवार को एफआइआर दर्ज की गई।
ईओडब्ल्यू के अनुसार मेडिकल में वर्ष 2012-13 में मेडिनोवा फार्मासिटिकल कंपनी से प्रावधानों को अनदेखा करते हुए 7.63 करोड़ रुपए की दवाएं एवं सर्जिकल सामग्री खरीदी गई। इसमें मेडिनोवा को 1.25 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान किया गया। ईओडब्ल्यू ने जांच के दौरान पाया कि वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए मेडिकल में दवाएं एवं सर्जिकल आइटम खरीदी के लिए टेंडर जारी किया गया था। टेंडर डालने वाले पांच निविदाकारों ने नियम व शर्तों पर आपत्ति जताई दी थी। इस पर अगले टेंडर जारी होने तक 6ठें निविदाकार मेसर्स मेडिनोवा से अनुबंध किए जाने का अभिमत दिया गया। 18 अक्टूबर 2011 को मेडिनोवा से अनुबंध कर आपत्तिकर्ता फर्मों की सिक्योरिटी मनी राजसात कर ली गई।
फार्मासिस्ट आरपी दुबे ने 11 जनवरी 2012 को क्रय शाखा का प्रभार लिया था। लेकिन, वित्त अधिकारी के अभिमत को नहीं मानते हुए दुबे वर्ष 2013 तक मेसर्स मेडिनोवा से दवाएं तथा सर्जिकल आइटम महंगे दामों पर खरीदते रहे। तत्कालीन संयुक्त संचालक एवं मेडिकल कॉलेज की अधीक्षक सविता वर्मा ने मेडिनोवा को लाभ पहुंचाने के लिए अनुबंध की समाप्ति तिथि का जिक्र ही नहीं किया। सविता वर्मा, आरपी दुबे ने मेडिनोवा के साथ आपराधिक षडयंत्र रचकर लाभ पहुंचाने के लिए पदों का दुरुपयोग किया। इसलिए तीनों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया है।