
भारतीय परंपराओं के अनुसार घर में कुछ चीजों के आने को शुभ तो कुछ के आने को अशुभ माना जाता है। इसी तरह आपमें से कई लोगों ने सुना होगा कि जिस किसी के घर में काली चींटी या चींटा आता है, उसे शुभ माना जाता है। हालांकि, ये तो हो गई मान्यताओं की बात लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले शाहपुर में एक परिवार काले चीटों के घर में आने से इतना परेशान हो गया था कि घर के सदस्यों ने खुद ही अपना घर ढहा लिया है।
ये अजीबो गरीब मामला जबलपुर जिले के शाहपुरा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खैरी का है, जहां रहने वाला बर्मन परिवार घर में काले चीटे निकलने के कारण पिछले कई दिनों से परेशान था। उनके परेशान होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आखिरकार परिवार के सदस्यों ने खुद ही अपना घर जमीदोज कर लिया।
इस संबंध में परिवार के मुखिया सुखचैन बर्मन ने बताया कि पिछले दो साल से उनके घर में बेतहाशा चींटे निकल रहे थे, जिससे वो इस तरह से परेशान और हलकान थे कि उन्होंने अपना घर गिराना ही सही समझा। सुखचैन बर्मन ने बताया कि घर में हालात ये हो चुके थे कि छोटे-छोटे बच्चों समेत पूरे परिवार का रहना ही मुश्किल हो गया था। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में वो चींटों को रोकने के तमाम उपाय कर चुके थे, लेकिन कोई भी उपाय घर में निकलने वाले चीटों की संख्या तक कम नहीं कर सका था।
उन्होंने बताया कि बीच में कुछ दिन गर में निकलने वाले चीटों की संख्या में कमी आई थी, लेकिन उस दौरान घर में चींटियां निकलना शुरु हो गई थीं। तमाम कोशिशों में विफल होने के बाद आखिरकार उन्होंने अपना मकान जमींदोज करना ही सही समझा।
अब सुखचैन बर्मन अपने परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं। उनका कहना है कि मजदूरी करके वो जीवनभर अपना मकान नहीं बना सकते। इसलिए दूसरा पक्का मकान बनाने के लिए उन्होंने सरकार से पीएम आवास योजना के तहत मदद करने की गुहार लगाई है।