डाइबिटीज अवेयरनेस डे आज
जबलपुर . डाइबिटीज अब लोगों के लिए आम हो चुकी है, क्योंकि लोगों ने इस बीमारी से लडऩा शुरू कर दिया है। बदलती लाइफस्टाइल और रूटीन के कारण लोगों के पास न ही सही समय पर खाना खाने का वक्त है और न ही व्यायाम करने का। इसका कारण युवाओं में शुरुआती समय से ही गंभीर बीमारियों का होना है। इसमें डाइबिटीज सबसे सामान्य बीमारी के रूप में सामने आई है। इस डाइबिटीज अवेयरनेस डे के मौके पर आइए जानते हैं कि किस तरह से सही समय में डाइबिटीज के लक्षण पहचानने के बाद आसानी से जीवन जिया जा सकता है।
रूटीन व्यायाम जरूरी
डॉक्टर्स और एक्सपट्र्स का मानना है कि लोगों का शेड्यूल चाहे जितना ही बिजी क्यों न हों, उन्हें दिनभर में 15 से 30 मिनट एक्सरसाइज के लिए निकालना चाहिए। पुराने समय के लोगों को यह बीमारियां सिर्फ इसलिए नहीं होती थीं, क्योंकि वे घंटों वॉक करने के साथ साइकलिंग भी किया करते थे, लेकिन ये सभी बातें लोगों से दूर होती जा रही हैं। ऐसे में रूटीन में एक्सरसाइज को शामिल किया जाना बहुत जरूरी है। इसमें योग का भी अहम योगदान है।
जागरुकता ही है बचाव
डाइबिटीज के प्रति जागरूक रहना ही इस बीमारी से बचने और लडऩे का सबसे अच्छा तरीका है। इसके लिए टेंशन फ्री लाइफ जीना, योग करना, रूटीन में बदलाव, जंक फूड को अवाइड करना, मसालेदार भोजन को इंकार करना जैसी बातें शामिल हैं। इसके साथ ही रूटीन टेस्ट भी महिलाओं में आफ्टर 35 और पुरुषों में आफ्टर 40 जरूरी हो जाता है।
हर वर्ग में फैली बीमारी
बच्चा वर्ग 12 %
युवा पुरुष वर्ग 22 %
युवा महिला वर्ग 38 %
बुजुर्ग वर्ग- 28 %