
जबलपुर। मौसम की मार से लोगों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। सामान्य घरों से लेकर बड़े लोगों तक को संक्रमण हो रहा है। लेकिन एक साथ तीन दर्जन से अधिक लोग एक साथ इसका शिकार हो जाएं तो मामला गंभीर हो जाता है। गुरुवार को डुमना रोड स्थित ट्रिपल आईटीडीएम में गुरुवार सुबह तकरीबन ३८ छात्र-छात्राएं फूड प्वायजनिंग का शिकार हो गए। छात्र-छात्राओं का कहना था कि बुधवार रात खाना खाने के बाद सुबह से उन्हें पेट दर्द, मरोड़ के साथ ही उल्टियां हुईं। कुछ छात्रों को बुखार भी हो गया।
पहले आठ छात्रों को दोपहर तीन बजे विक्टोरिया जिला अस्पताल भेजा गया। ३० के लगभग छात्र-छात्राओं को निजी अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद कलेक्टर ने अस्पताल पहुंच कर जांच की। वहीं खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर कैंटीन से खाद्य सामग्री के नमूने लिए। छात्रों का कहना था कि रात के समय मलाई कोफ्ता खाने के बाद उन्हें खट्टी डकारें आईं और बेचैनी हुई। सुबह कैम्पस में डॉ. एएन गुप्ता से इलाज कराया। एक के बाद एक सभी छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ गई। एक के बाद एक छात्रों के बीमार होने से संस्थान में हड़कम्प मच गया।
कलेक्टर ने दिए बेहतर इलाज के निर्देश :
कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी ने फूड प्वायजनिंग की शिकायत पर निजी अस्पतालों में भर्ती ट्रिपल आईटीडीएम के छात्रों को देखने पहुंचे। छात्रों के हाल चाल जाने तथा चिकित्सकों से इन छात्रों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। कलेक्टर के निर्देश पर संस्थान के कैंटीन की जांच की गई। इस मौके पर जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. ए.के. सिन्हा ने बताया कि फूड प्वायजनिंग की शिकायत पर ट्रिपल आईटीडीएम के लगभग 38 छात्र निजी व सरकारी अस्पताल पहुंचे थे। कुछ छात्र वायरल से भी ग्रसित पाए गए।