जबलपुर

जबलपुर के मशहूर बैलेंसिंग रॉक के अस्तित्व पर खतरा, आसपास तेजी से चल रहा निर्माण कार्य, संरक्षण की उठी आवाज

Jabalpur Balancing Rock: जबलपुर की मशहूर बैलेंसिंग रॉक बदहाली और उपेक्षा का शिकार है। झाड़ियों, गंदगी और अतिक्रमण के बीच प्राकृतिक धरोहर को बचाने के लिए पर्यटन कारोबारियों ने आवाज उठाई है।
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Oct 20, 2026
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Jabalpur Balancing Rock: बैलेंसिंग रॉक की उपेक्षा से पर्यटन को नुकसान (फोटो सोर्स- Patrika)

Jabalpur Balancing Rock: जबलपुर के बैलेंसिंग रॉक की पहचान देश-दुनिया में है, लेकिन इसके संरक्षण की ओर किसी का ध्यान नहीं है। जिला प्रशासन के साथ पुरातत्व और पर्यटन विभाग भी इस प्राकृतिक धरोहर की उपेक्षा कर रहे हैं। व्यापार, उद्योग और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तरह की अनदेखी जबलपुर के पर्यटन को नुकसान पहुंचा रही है। बैलेसिंग रॉक को बड़ी धरोहर के रूप में देखते हुए इसका संरक्षण किया जाना चाहिए।

साथ ही आसपास प्रकृति को ध्यान में रखकर विकास की योजना बनाई जानी चाहिए। वर्तमान में बैलेंसिंग रॉक झाड़ियों के बीच छिपी नजर आती है। आसपास महीनों से सफाई नहीं होने की स्थिति है। पुरातत्व विभाग इसे संरक्षित धरोहरों की सूची में शामिल कराने की दिशा में भी पहल नहीं कर पाया है। आसपास हो रहे अतिक्रमणों को रोकना तो प्रशासन के एजेंडे में ही शशीमल नहीं है। इसके चलते इसका अस्तित्व संकट में फंसता जा रहा है।

पर्यटन सर्किट की जरूरत

मदन महल पहाड़ी पर बैलेसिंग रॉक के आसपास तेजी से निर्माण की अनुमतियां दिए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि इस क्षेत्र में अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगनी चाहिए। पर्यटन की दृष्टि से यह पहाड़ी अपने आप में महत्वपूर्ण है। यहां आने वाले पर्यटक प्रकृति और ऐतिहासिक धरोहरों को देखने के लिए दो से तीन घंटे बिता सकते हैं। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। राजस्व भी बढ़ेगा। इस क्षेत्र में मां शारदा देवी का प्राचीन मंदिर, गोंडवाना शासकों का मदन महल किला, देवताल के ऐतिहासिक मंदिर और ओशो आश्रम प्रमुख आकर्षण हैं। जबलपुर विकास प्राधिकरण ने यहां एक उद्यान भी बनाया है। इन सभी स्थलों को जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित किया जा सकता है।

लोगों ने जताई चिंता

बचपन में हम मां शारदा देवी मंदिर जाते थे। उससे पहले बैलेंसिंग रॉक जरूर देखते थे। इसके बाद मदन महल किले और देवताल के मंदिरों में पूजन-पाठ किया करते थे। बैलेंसिंग रॉक प्रकृति की अद्भुत धरोहर और बड़ा पर्यटन केंद्र है। इसका संरक्षण बहुत जरूरी है। जिला प्रशासन को पत्र लिखेंगे।- रवि गुप्ता, अध्यक्ष, महाकोशल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

मदन महल पहाड़ी पर बैलेंसिंग रॉक का अपना अलग आकर्षण है। प्रकृति के इस संतुलन को देखकर हर कोई आश्चर्यचकित रहता है। जिला प्रशासन को मास्टर प्लान में इसे संरक्षित पहाड़ी के रूप में शामिल करवाना चाहिए। शहर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बड़ी भूमिका है।- प्रेम दुबे, अध्यक्ष, जबलपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

पुरातत्व विभाग को बैलेंसिंग रॉक को संरक्षित धरोहरों की सूची में शामिल करना चाहिए। जबलपुर आने वाले पर्यटकों को दिखाने के लिए भेड़ाघाट प्रमुख स्थल है। इसके बाद मदन महल किले और बैलेंसिंग रॉक को भी प्रमुखता से सूची में रखते हैं। लेकिन पर्यटक वहां पहुंचकर निराश होते हैं। हर हाल में हमें ऐसी धरोहरों को बचाना है।- राजेश जैन, होटल कारोबारी

Updated on:
20 Oct 2026 07:52 am
Published on:
20 Oct 2026 07:52 am