जबलपुर

4 साल तक जेल में रहेंगे 2 बड़े अधिकारी, जबलपुर कोर्ट ने सुनाई कठोर कारावास की सजा

SECL- कोयला घोटाले में एसईसीएल के चार अधिकारियों को सजा सुनाई, जबलपुर की सीबीआई कोर्ट ने दिया निर्णय

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Jun 05, 2026
Jabalpur CBI Court sentences 4 senior SECL officials
Jabalpur CBI Court sentences 4 senior SECL officials

CBI Jabalpur- एसईसीएल के 4 बड़े अधिकारी 4 साल तक जेल में रहेंगे। एमपी की सीबीआई कोर्ट जबलपुर ने उन्हें कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अधिकारियों को अर्थदंड भी देना होगा। सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश रुपेश कुमार गुप्ता की कोर्ट ने कोयला घोटाले के आरोपी एसईसीएल के चार अधिकारियों एके गोस्वामी, आरएल प्रसाद, एमएम शर्मा व आरडी दीवान का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। सीबीआई विशेष न्यायालय ने विभिन्न धाराओं के तहत दो दोषियों को चार-चार साल तथा दो दोषियों को एक-एक साल की सजा से दंडित किया है। न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता ने एके गोस्वामी व आरएल प्रसाद को चार-चार साल तथा एमएम शर्मा व आरडी दीवान को एक-एक साल की सजा सुनाई। विशेष न्यायालय ने आरोपियों को दो लाख 40 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।

विशेष न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया था

सीबीआई जबलपुर ने एसईसीएल के चारों अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना के बाद उनके खिलाफ विशेष न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया था। विशेष न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी करार दिया है।

एमएम शर्मा एवं आरडी दीवान को धारा 218 व 34 के तहत दोषी करार दिया

कोर्ट ने आरोपी एके गोस्वामी एवं आरएल प्रसाद को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 409 तथा निवारण अधिनियम के अंतर्गत अधिकतम 4 साल के कठोर कारावास से दंडित किया। दोनों पर 1 लाख 15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। इसके अलावा सह आरोपी एमएम शर्मा एवं आरडी दीवान को धारा 218 व 34 के तहत दोषी करार दिया। इन दोनों को एक वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

बहेराबंद यार्ड में बुक स्टॉक की तुलना में 11382 मीट्रिक टन कोल कम मिला

सीबीआइ की ओर से विशेष अभियोजक संजय उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सीबीआइ को एसईसीएल हसदेव एरिया के अंतर्गत बहेराबंद भूमिगत खदान जिला अनूपपुर में कोयले के स्टॉक में घोटाले के संबंध में जानकारी मिली थी। निरीक्षण में बहेराबंद कोल स्टॉक यार्ड में बुक स्टॉक की तुलना में 11382 मीट्रिक टन कोल कम मिला था। इसी चलते आरोपियों पर केस दर्ज किया था। मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुना दिया।

Updated on:
05 Jun 2026 12:26 pm
Published on:
05 Jun 2026 12:22 pm