इधर जुड़ रहा हवाई मार्ग, उधर नहीं मिल रही एनओसी…जानिए क्या है पूरा मामला

जबलपुर से जुड़ेगा 7 शहरों का एयर कनेक्शन, स्पाइस जेट एयरलाइंस शुरू करेगा कनेक्टिंग फ्लाइट, एयरटैक्सी सेवा पर एनओसी का अड़ंगा, डीजीसीए को दस्तावेज नहीं प्रस्तुत कर सकी एविएशन कंपनी

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Oct 25, 2015
air port
(प्रतीकात्मक फोटो)

जबलपुर।
गोवा के समुद्र तटों का नजारा देखना हो या गुलाबी नगरी जयपुर की सैर करनी हो। अब दिल्ली या मुंबई जाकर फ्लाइट नहीं पकडऩी होगी। जबलपुर से ही इन फ्लाइट का कनेक्शन उपलब्ध होगा। स्पाइस जेट एयरलाइंस ने नए डेस्टीनेशन में जबलपुर सेक्टर को शामिल कर लिया है। करीब आधा दर्जन से अधिक शहरों को जबलपुर से जोड़कर रविवार से कनेक्टिंग फ्लाइट शुरू की जा रही है।

ये शहर जुड़ेंगे

गोवा, जयपुर, कोयम्बटूर, कोच्ची, वाराणसी, देहरादून और तिरुपति। कनेक्शन 26 मार्च 2016 तक के लिए प्रभावी होंगे।

5 माह बाद सीधी उड़ान

सूत्रों के अनुसार एयरलाइंस करीब पांच माह इन सेक्टरों पर नजर रखेंगी। यदि यात्रियों का अच्छा रिस्पांस मिलता है तो भविष्य में सीधी फ्लाइट भी संचालित की जा सकती है। जबलपुर से क्यू-400 बोमर विमान उपलब्ध होंगे। चेंज इन एयरक्राफ्ट के दौरान यात्रियों को बोइंग विमान की सुविधा मिलेगी। यह विमान 125 सीटर से 250 सीटर तक होंगे।

कनेक्टिंग फ्लाइट से अब हवाई यात्रा में आसानी होगी। बुकिंग आदि की व्यवस्थाएं जबलपुर से हो सकेंगी।

आरके सिंह,
स्टेशन मैनेजर, स्पाइस जेट

कवायद फेल हो गई

प्रदेश में एयरटैक्सी सेवा को दशहरा पर शुरू करने की कवायद फेल हो गई है। हवाई सेवा को 22 अक्टूबर से शुरू किए जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने हवाई सेवा के लिए एनओसी पर अड़ंगा लगा दिया है। एयरलाइंस कंपनी सुप्रीम एविएशन ने हवाई सेवाओं की सभी औपचारिकताओं के दस्तावेज डीजीसीए को उपलब्ध नहीं कराएं हैं। कुछ औपचारिकताएं पर्यटन विकास निगम की ढिलाई के चलते भी अटकी हुई हैं।

इंदौर में खड़े विमान

सूत्रों के अनुसार एविएशन कंपनी के दो एयरक्राफ्ट उड़ान का इंतजार कर रहे हैं। एयरक्राफ्ट को इंदौर एयरपोर्ट में खड़ा रखा गया है। हवाई सेवा के लिए शेड्यूल लगभग तय किया जा चुका है। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब डेढ़ साल से एयरटैक्सी सेवा ठप है।

डीजीसीए से विमानन कंपनी को एप्रूवल नहीं मिला है। इसके मिलते ही हवाई सेवा शुरू कर दी जाएगी।

हरी रंजन राव,
एमडीढ पर्यटन विकास निगम
Published on:
25 Oct 2015 09:05 am
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