Jabalpur cruise accident: जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर नागरिक उपभोक्ता मंच ने एनजीटी के नियमों का हवाला देखजर क्रूज संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए है।
Jabalpur Tragedy: 29 अप्रैल को हुए जबलपुर क्रूज हादसे (Jabalpur cruise accident) में बच्चों सहित 13 लोगों की जान चली गई। अब हादसे करीब एक हफ्ते बाद इसका चौंका देने वाला नया वीडियो वायरल हुए है। इस 42 सेकंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि क्रूज के नर्मदा नदी नदी में पलट जाने के बाद छोर पर कुछ यात्री तैरकर बाहर आ रहे है। वीडियो में कुछ यात्री जान बचाने के लिए पानी में संघर्ष करते और झटपटाते हुए दिख रहे है। हालांकि, पत्रिका इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। ये वीडियो हादसे के समय का बताकर वायरल किया जा रहा है। (MP News)
ताजा जानकारी के अनुसार, मामले को लेकर नागरिक उपभोक्ता मंच ने एनजीटी के नियमों का हवाला देखजर क्रूज संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए है। मंच ने आरोप लगाया है कि मामले में एनजीटी के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन हुआ है। मंच ने कहा कि क्रूज का इंजन फोर स्ट्रोक होना जरुरी था जिसपर बरगी डैम में डूबा क्रूज खरा नहीं उतरा था। मंच ने ये भी बताया कि एनजीटी निर्देशों के अनुसार, जलाशय जिन्हें वेट लैंड घोषित नहीं किया गया है, वहां पर मैकेनिकल बोट का संचालन किया जा सकता है। हालांकि, इसमें शर्त ये थी कि इस बोट में फोर-स्ट्रोक इंजन लगे होना चाहिए, लेकिन जबलपुर में ऐसा नहीं किया गया। मंच ने प्रदेश सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
क्रूज हादसे पर अब जबलपुर कोर्ट ने भी संज्ञान ले लिया है। जिला न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट डी पी सूत्रकार की कोर्ट ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए उसके जिम्मेदारों पर न सिर्फ नाराजगी जताई, साथ ही, हादसे के समय क्रूज में मौजूद चालक और अन्य सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के पुलिस को आदेश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि, दो दिन में स्थितियों को समझकर मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। न्यायधीश सूत्रकार ने बरगी थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज कर 2 दिन में न्यायालय को सूचित करने और मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकार ने समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से मिली सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है।
कोर्ट का कहना है कि, क्रूज चालक खुद क्रूज की गतिविधियों से परिचित होकर भी अंदर बैठे पर्यटकों को डूबते हुए छोड़कर सकुशल बच निकला। उसने किसी को भी बचाने की कोई कोशिश नहीं की, जो धारा 106 भारतीय न्याय संहिता 2023 और धारा 110 अपराधिक मानव वध करने के प्रयास को जाहिर करता है। इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई और जांच नहीं हुई तो भविष्य में क्रूज संचालन या नाव संचालित करने वाला कोई भी व्यक्ति अनहोनी होने पर लोगों को डूबता हुआ छोड़कर भाग निकलेगा। (MP News)