रावण के पुतले के दहन के लिए श्रीराम के पात्र ने धनुष उठाया, लेकिन उनका धनुष हाथ में ही रह गया। पता चला कि किसी ने पुतला पहले ही फूंक दिया है। इस घटना से श्रद्धालु हैरान रह गए। घटना शुक्रवार रात जबलपुर प्रेम प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में जीसीएफ राम मंदिर परिसर पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में हुई। इससे लोगों में असंतोष फैल गया। बात पुलिस तक पहुंच गई। शिकायत पर पुलिस ने पुतला फूंकने वाले उपद्रवियों की तलाश शुरू कर दी है।
समिति के महामंत्री विनोद तिवारी ने बताया कि पुतले का दहन श्रीराम द्वारा ही कराया जाता है, एेसे में कोई और पुतला दहन नहीं कर सकता। कार्यक्रम से पहले ही अज्ञात व्यक्ति द्वारा रावण का पुतला जला दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। कार्यक्रम की औपचारिकता पूरी करने के लिए समिति ने आनन-फानन में दूसरा पुतला बनवाया फिर उसका दहन करके परम्परा का निर्वहन किया गया।
घटना से क्षेत्र में असंतोष फैल गया। भारी संख्या में लोग सड़कों पर एकत्रित हो गए। प्रेम प्रचारिणी सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि उपद्रवी तत्वों का कृत्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। घटना की शिकायत घमापुर थाने में दर्ज कराई गई है। सीएसपी जेपी मिश्रा का कहना है कि घृणित हरकत करने वालों का पता लगाया जा रहा है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।