शहर से करीब 28 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक सात के किनारे बसे गोसलपुर कस्बे में लगभग हर घर में मातम, आंसू और सन्नाटा है। काल बनकर आए मिनी ट्रक का कहर हर जुबान पर है। सात परिवारों में अब भी रुदन और विलाप के करुण स्वर गूंज रहे हैं। सड़कें सूनी हैं और पूरा इलाका शोक मग्न है।
नेगवानी निवासी दिलीप रैकवार (25) जून में ही दूल्हा बना था। दिलीप और उसकी पत्नी शीला ने भविष्य के सपने संजोए थे। लेकिन जब शुक्रवार को दिलीप का शव उसके घर पहुंचा, तो वह बिलख उठी। रोते-रोत बदहवास हो गई। वह बार-बार पति को पुकार रही थी। एेसा ही हाल दिलीप के पिता वीरेन्द्र का था, जो जवान बेटे की मौत पर आंसू बहा रहा था। भाई दीपचंद और मोनू भी दिलीप को पुकारते थक नही रहे थे।
कछपुरा के पास रहने वाले अजय अग्रवाल उर्फ पप्पू की मौत ने जहां मीनू का सुहाग छीन लिया, वहीं छह माह की मासूम बेटी पर से पिता का साया उठ गया। महज डेढ़ साल पहले ही अजय और मीनू का विवाह हुआ था। मीनू के साथ बिलख रही मासूम बेटी का चेहरा सभी को रुला रहा था।
घर के सामने ही थम गईं थीं सांसे
कछपुरा निवासी सुनील जैन का बेटा शुभम उर्फ सनी की मौत तो उसका परिवार भुला नही पा रहा है, घर से महज 10 कदम की दूरी पर मौत ने उसे शिकार बना लिया। खून से लथपथ सनी जब सड़क पर पड़ा था, तब उसके पिता समेत मां संगीता, भाई सौरभ और सृष्टी वहां दौड़ते हुए पहुंचे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
नेगई निवासी अंगल बर्मन का बेटा विपतलाल बर्मन (18) मां ममता का लाडला था। बड़ा होने के कारण ममता उसे अपनी आंखों से दूर नही करती थी। विपतलाल कक्षा नवमीं पढ़ता था, वह बड़ा आदमी बनना चाहता था। अपनी आंखों के तारे को जिस वक्त ममता ने देखा, तो उसकी आंखे पथरा गईं। छोटे भाई छोटेलाल और बहन संजना भी उसे पुकारते थक नही रहे थे। नेगई की कुल जनसंख्या 93 हैं, लेकिन विपतलाल की मौत के बाद यह संख्या घटकर 92 हो गई।
गोसलपुर के ही कछपुरा में रहने वाला गिरजा बर्मन फैक्ट्री से रिटायर हो चुका था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण चाय की दुकान चलाता था। वह भी मिनी ट्रक की चपेट में आ गया। गिरजा की मौत ने पत्नी शिवकुमारी, बेटे अनिल, प्रेम, राजेन्द्र और विनोद को बुरी तरह तोड़ दिया है।
नहीं हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन
घटना के बाद शुक्रवार को भी महाकाली का विसर्जन नहीं किया जा सका। महाकाली के साथ स्थापित आठ अन्य प्रतिमाओं को भी पंडाल में ही रखा रहने दिया गया। महाकाली मैदान से चंद कदम दूर स्थित एक दुर्गा प्रतिमा का भी समिति ने विसर्जन नहीं किया।
- मिनी ट्रक के चालक खितौला निवासी प्रेमलाल भूमिया के खिलाफ। ट्रक सिहोरा निवासी मनीष बृजपुरिया का है।
- बलवाईयों के खिलाफ तोडफ़ोड़, आगजनी और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का।
- पुलिस अधिकारियों और जवानों पर हमला करने का।
- पुलिस वाहनों में तोडफ़ोड़ और आगजनी का।
- चक्काजाम व प्रदर्शन करने का।