
जबलपुर। बारिश के मौसम में आमतौर पर बादल काले या सफेद नजर आते हैं। जो लोगों को राहत का एहसास कराते हैं। लेकिन जबलपुर लोकसभा क्षेत्र से बादलों की जानें क्या दुश्मनी हो गई है कि वे आते तो हैं पर बरस नहीं रहे हैं। गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। सुबह थोड़े से बादल आसमान पर आस बनकर आए, किंतु बरसे नहीं उल्टा उमस बढ़ाते रहे। शाम को सूर्यास्त के समय बादलों ने एक अलग ही रंग दिखाया। पूरी शाम सिंदूरी नजर आई। मानो किसी ने इन बादलों में केसरिया रंग घोल दिया हो। इस नजारे को देखने सबसे ज्यादा शास्त्री ब्रिज पर भीड़ लग गई। लोग वीडियो बनाते नजर आए। वहीं शेल्फी प्रेमियों ने इन सिंदूरी बादलों के साथ फोटो ली।
मानसून होने के बाद गुरुवार को सुबह से सक्रिय दिखा, लेकिन बारिश नहीं हुई। काले-घने बादल दिन भर ललचाते रहे। कुछ क्षेत्रों में कुछ मिनट के लिए महज बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश व उससे लगे बिहार के ऊपर कम दवाब का क्षेत्र बना है। इससे सम्भाग के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम कार्यालय के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान जिले में बारिश नहीं हुई। अब तक कुल 576.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। गत वर्ष तीन अगस्त को 11.6 मिमी बरिश हुई थी और कुल बारिश 823.1 मिमी दर्ज की गई थी। शुक्रवार सुबह का तापमान27 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था। पश्चिमी हवा छह किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही है।
हो सकता है जलसंकट
इस साल कम बारिश होने से शहर के अधिकतर जलाशय नहीं भर पाए हैं। ऐसे में कुछ महीनों के बाद शहर के कई क्षेत्रों में जलसंकट गहरा सकता है। नगर निगम जल विभाग लगातार इस बात की निगरानी कर रहा है कि जलाशयों को पर्याप्त मात्रा में भरा जा सके। ठंड में पानी की सप्लाई हो सके। जल संकट के चलते ही आषाढ़ में ही पानी के लिए लोगों को भटकते देखा गया है।