
मृतक स्मिता, निशीत और दिलीप खख्खर। फाइल फोटो- पत्रिका
राजकोट। शहर के साधु वासवाणी रोड स्थित अंजता पार्क में रहने वाले खख्खर परिवार के बुजुर्ग दंपती और उनके युवा पुत्र ने विषाक्त खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सेवानिवृत्त कर्मचारी दिलीप खख्खर (72), पत्नी स्मिता (65) और पुत्र निशीत (32) ने घर में विषाक्त खा लिया।
तीनों को तत्काल राजकोट सिविल अस्पताल ले जाया गया। उपचार शुरू होते ही स्मिता की मौत हो गई। इसके बाद पति और बेटे ने भी दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार विषाक्त खाने के बाद निशीत ने अपने एक मित्र को इस बारे में जानकारी दी। मित्र ने तत्काल परिवार के अन्य सदस्यों को सूचित किया, जिसके बाद तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
अस्पताल चौकी से सूचना मिलने पर यूनिवर्सिटी पुलिस थाने के पीआइ सीएन दवे और उनकी टीम अस्पताल पहुंची। प्रारंभिक जांच के अनुसार दिलीप 2013 में पीडब्ल्यूडी से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके दो पुत्र में से बड़े बेटे की साल 2018 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद निशीत ही परिवार का एकमात्र सहारा था। निशीत गोल्ड लोन सहित वित्तीय कार्यों से जुड़ा था।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। उन्होंने किसी से उधार या ब्याज पर रुपए भी लिए थे। सोमवार दोपहर में किसी व्यक्ति का कर्ज की वसूली के लिए फोन आया था। इसके बाद शाम को निशीत ने माता-पिता के साथ यह कदम उठाया।
परिजनों के अनुसार घर से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस आर्थिक संकट को प्राथमिक कारण मानकर कार्रवाई कर रही है। हालांकि निशीत के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।
रघुवंशी समाज के युवा नेता केडी रघुवंशी, प्रदीप रघुवंशी और अन्य कार्यकर्ता सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष पहुंचे। रघुवंशी ने बताया कि निशीत के बैंक खाते में 90 हजार रुपए की एक क्रेडिट एंट्री हुई थी। यह राशि किसने और किस कारण भेजी, इसकी जांच जरूरी है। साथ ही दोपहर में कर्ज की वसूली के लिए फोन करने वाले की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय पुलिस निष्पक्ष और प्रभावी जांच नहीं करती है, तो मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी जाए। वहीं, प्रदीप रघुवंशी ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर मामला सूदखोरों के उत्पीड़न और आर्थिक तंगी से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने पुलिस से दोषियों के खिलाफ तत्काल और उदाहरण प्रस्तुत करने वाली सख्त कार्रवाई करने तथा इस मामले को हल्के में न लेने की मांग की।
एक ही परिवार की तीन अर्थियां जब एक साथ घर से निकलीं तो माहौल गमगीन हो गया। अंतिम विदाई के दौरान परिजनों का रुदन देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और सांत्वना देने पहुंचे कई लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
Updated on:
28 Jul 2026 05:30 pm
Published on:
28 Jul 2026 05:24 pm
