
राजकोट में म्यूकोरमाइकोसिस ने बढ़ाई समस्या, देश में सर्वाधिक मरीज
राजकोट. कोरोना को हराने वाले मरीजों को म्यूकोरमाइकोसिस नामक फंगस बड़ी समस्या बनता जा रहा है। राजकोट में इस फंगस के 200 मरीज बताए जा रहे हैं, जो देश में किसी एक अस्पताल में सर्वाधिक हैं। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने फंगस के बढ़ते मरीजों को लेकर चिन्ता व्यक्त की है। राज्य के विविध भागों में बढ़ रहे म्यूकोरमाइकोसिस के मामलों के मद्देनजर राजकोट के सिविल अस्पताल में 500 बेड की रिजर्व व्यवस्था की गई है।
राजकोट के सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. त्रिवेदी के अनुसार राजकोट के सिविल अस्पताल में इन दिनों म्यूकोरमाइकोसिस के 200 केस हैं जो अन्य शहर अहमदाबाद, वडोदरा एवं सूरत की तुलना में अधिक हैं। बढ़ते मामलों को ध्यान में रखकर म्यूकोरमाइकोसिस के मरीजों के लिए 500 बेड की व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार इस फंगस के मरीजों को लगभग डेढ़ माह तक अस्पताल में रखना होता है। इसके लिए सिविल अस्पताल में ट्रोमा और ओपीडी बिल्डिंग को आरक्षित रखा जाएगा। चिकित्सकों का कहना ैहै कि मधुमेह के साथ कोरोना संक्रमण के उपचार के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले स्टेरॉइड के कारण म्यूकोरमाइकोसिस के केस लगातार बढ़ रहे हैं।
देश में सर्वाधिक केस राजकोट में
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने राजकोट में बढ़ रह म्यूकोरमाइकोसिस के मामलों को लेकर चिन्ता जताई है। इस संबंध में राजकोट सिविल अस्पताल के चिकित्सकों के साथ वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने बैठक कर विविध मुद्दों पर चर्चा की। । इस चर्चा में उन्होंने बताया कि देश में सभवत: म्यूकोरमाइकोसिस के सबसे अधिक केस राजकोट में हैं। इस फंगस को लेकर राजकोट सिविल अस्पताल की ओर से उठाए गए कदमों की भी उन्होंने सराहना की है। कोरोना के दौरान ज्यादा ऑक्सीजन लेने वालों मरीजों को म्यूकोरमाइकोसिस की आशंका को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि इसका प्रमुख कारण मधुमेह रोगियों में स्टेरॉइड का इस्तेमाल है। इस चर्चा में एम्स के निदेशक ने फंगस के उपचार के लिए लाइकोसोमल नामक दवाई के उपयोग पर जोर दिया। इसके अलावा गाइडलाइन के आधार पर भी उपचार किया जाना चाहिए। इस बैठक में राज्य की स्वास्थ्य सचिव डॉ. जयंती रवि व एम्स के अन्य अधिकारी भी जुड़े थे।
होने लगी है दवाइयों की कमी
राजकोट के सिविल अस्पताल में म्यूकोरमाइकोसिक फंगस के बढ़ते मरीजों के कारण संबंधित दवाइयों की कमी सामने आ रही है। बताया गया है कि सिविल अस्पताल के आसपास मेडिकल स्टोर पर दवाइयां नहीं मिल रही हैं। कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए जिस तरह से रेमडेसिविर इन्जेक्शन की किल्लत देखी गई थी उसी तरह से अब एन्टी फंगल इन्जेक्शन का भी अभाव बताया जा रहा है।
Published on:
13 May 2021 10:34 pm
