जबलपुर

amit shah खुश पर संघ है खफा, प्रदेश में भाजपा की चौथी पारी नहीं है आसान

प्रदेश में हावी अफसरवाही के कारण परेशान हैं आमजन, सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने कार्यकर्ताओं को किया सतर्क

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Aug 22, 2017

जबलपुर। प्रदेश की भाजपा सरकार और उसके मुखिया शिवराजसिंह चौहान को भाजपाध्यक्ष अमित शाह भले ही सौ में सौ नंबर दे रहे हों पर आरएसएस ऐसा नहीं मानता। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में भाजपा की चौथी पारी इतनी आसान है नहीं जितनी समझी और समझाई जा रही है। मंदसौर का किसान आंदोलन भाजपाई प्रयासों पर भारी पड़ सकता है। प्याज खरीदी घोटाला भी संघ की नजर में बड़ा घोटाला है जिसका व्यापक असर पड़ सकता है।


मिशन २०१८ और २०१९ पर मंथन
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने इन दिनों जबलपुर में डेरा डाल रखा है। वे संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ ही अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों से भी विचार-विमर्श कर रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में पूरे प्रदेश से आए संघ पदाधिकारियों के साथ ही छत्तीसगढ़ के संघ पदाधिकारी भी मौजूद हैं। दो दिन से चल रही बैठक में 2018 के विधानसभा चुनावों और 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों और वर्तमान हालातों के मद्देनजर भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर गहन मंथन चल रहा है। संघ पदाधिकारियों की इस बैठक में यह साफतौर पर कहा गया कि मध्यप्रदेश में सरकार पर अफसरशाही बुरी तरह हावी है।


किसानों की नाराजगी पड़ेगी भारी
बैठक में यह बात भी सामने आई कि मंदसौर से उपजा और बाद में पूरे प्रदेश में फैला किसान आंदोलन भाजपा को भारी पड़ सकता है। किसानों की सरकार से नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी है। प्याज खरीदी में हुए घोटाले पर सरकार को कोसते हुए कहा गया कि प्याज मात्र 2 रुपए किलो बेची गई पर यह प्याज गरीबों तक नहीं पहुंच सकी। अब गरीबों को २०-२५ रुपए किलो प्याज खरीदना पड़ रहा है। किसानों, गरीबों का सरकार से गुस्सा दूर कराने के लिए आरएसएस नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी दी है। उन्हें ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोडक़र प्रदेश और केन्द्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जनता को अवगत कराने को कहा गया है।


फीडबैक पर विस्तृत विचार-विमर्श
संघ की इस अहम बैठक में विधायकों को भी बुलाया गया। इतना ही नहीं प्रदेश के मंत्रियों को भी बुलाकर उनसे चर्चा की जा रही है। प्रदेश सरकार की योजनाओं और उसके क्रियान्वयन में हो रही गड़बडिय़ोंं से मंत्रियों को सीधे बताया जा रहा है। भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर मिले स्वयंसेवकों के फीडबैक पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जा रहा है।

Published on:
22 Aug 2017 12:53 pm
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