Money laundering साइबर फ्रॉड के जरिए मनी लांड्रिंग के आरोपियों को उठाने की कार्रवाई सुबह 4 बजे से प्रारंभ हुई, जो लगभग 10 बजे तक चली।
Money laundering: साइबर फ्रॉड के जरिए लोगों से ठगी गई राशि को म्यूल खातों की सहायता से मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए ठिकाने लगाने वाले गिरोह के आधा दर्जन सदस्यों को जबलपुर- भोपाल साइबर पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। वहीं, दो महिलाओं सहित आधा दर्जन अन्य संदिग्धों की धरपकड़ अलग-अलग ठिकानों से हुई है। साइबर फ्रॉड के जरिए मनी लांड्रिंग के आरोपियों को उठाने की कार्रवाई सुबह 4 बजे से प्रारंभ हुई, जो लगभग 10 बजे तक चली। आरोपियों को पकडऩे के लिए सात लग्जरी वाहनों में टीम सतना पहुंची थी।
इस अपराध का खुलासा बिरला यार्ड में काम करने वाले गार्डों के जरिए हुआ था। उनसे इंडस इंड बैंक, यूनियन बैंक, कोटक महिन्द्रा बैंक के खाते खुलवाए गए थे। जब एक गार्ड ने अपने खाते की जानकारी ली और उसे पता चला कि सवा करोड़ रुपए के लगभग उसके खाते में आए और निकाल लिए गए, तब उसने मामले की रिपोर्ट साइबर पुलिस को दर्ज कराई थी। मामले को सबसे पहले पत्रिका ने उजागर किया था।
अर्सलान काफी पहले से भूमिगत है। इंदौर के साइबर फ्रॉड में पुलिस ने मैहर में जब दबिश दी थी, उस वक्त से इसका नाम सामने आ रहा था। यह मैहर और सतना में रह कर साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था। इसके पिता स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं और इन्होंने मैहर में काफी समय तक अर्सलान को रखा हुआ था। लेकिन, वह सतना आकर भी साइबर क्राइम को अंजाम देता था। इसका काम फर्जी खाते खुलवाना और उनके एटीएम अपने कब्जे में लेना होता था।
भोपाल साइबर पुलिस ने 13 दिसंबर को अपराध क्रमांक 0353/2024 दर्ज किया। साइबर और हाईटेक अपराध के तहत दर्ज किए गए इस प्रकरण में अमित निगम, संदीप चतुर्वेदी, अंजर हुसैन, साजिद खान, शशांक अग्रवाल मोनू, अर्सलान, अनुराग कुशवाहा, चंचल विश्वकर्मा, सगील अख्तर, स्नेहिल गर्ग, अंकित कुशवाहा, अमित कुशवाहा, सुमित शिवानी, मसूद, अमितेश कुंडे, रितिक को आरोपित किया गया है।
साइबर टीम ने हैदराबाद से शुरूआत की है। साइबर टीम ने तेलंगानाके नजीराबाद निवासी साजिद खान को हिरासत में लिया। इससे साइबर टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। यहां दस्तावेज जब्त करने के साथ इन्हें एक डायरी मिली, जिसमें खाताधारकों के नंबर, नाम और विवरण था। इसमें ट्रांजेक्शन की राशि का हिसाब-किताब भी था। यह सामने आया है कि हिरासत में आए आरोपी अपने सरगनाओं से कमीशन लेकर अपने खाते में पैसा लेते थे। राशि आने के बाद बताए खातों में कमीशन काटने के बाद राशि भेज दी जाती थी।
साइबर की दूसरी टीम छानबीन के बाद सोमवार रात सतना पहुंच गई। मोबाइल लोकेशन के आधार पर टीम ने अंजर हुसैन, अरमान, साहिल सौदागर, आसिफ सहित किराना दुकान व्यापारी सुमित शेवानी, टिंकल गर्ग और तुलसीनगर के इशू अग्रवाल, अंकित कुशवाहा, सिविल लाइन के संदीप चतुर्वेदी सहित दो युवतियों को पकड़ा। टीम ने सुमित शेवानी के घर से मोबाइल सहित सीसीटीवी की डीवीआर और बैंक संबंधी दस्तावेज जब्त किए हैं।