
Monsoon update : मानसून गुरुवार को जबलपुर जिले में छा गया। इसके साथ ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। जबलपुर में गुरुवार दोपहर से शुरू हुआ बारिश का क्रम देर रात तक जारी रहा। चौबीस घंटों के दौरान 4.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भीषण गर्मी और उमस से निजात मिली। मौसम विभाग की मानें, तो कई सिस्टम एक साथ एक्टिव हो गए हैं। इसके कारण अगले चार दिनों तक जबलपुर सहित सम्भाग के जिलों में झमाझम बारिश का दौर देख दिख सकता है। शुक्रवार को जबलपुर में 40-50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
गुरुवार दोपहर आधा घंटे तक बारिश हुई। इसके चलते गर्मी से राहत मिली। इसके बाद रुक रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा। गुरुवार को अधिकतम तापमान नीचे गिरकर 32.1 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से पांच डिग्री कम था। रात का न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री दर्ज हुआ। यह सामान्य से एक डिग्री कम था। हवा में नमी बढ़कर 90 फीसदी हो गई। दिन भर में 4.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में दो लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दबाव क्षेत्र और तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवतीय परिसंचरण एक्टिव हैं। इसके कारण आने 20, 21, 22 और 23 जून को जबलपुर सहित सम्भाग के जिलों में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
झमाझम बारिश से पहले ही मां नर्मदा लबालब नजर आईं, दरअसल हाल ही में बरगी डैम के गेट खोले जाने से भारी जलराशि आ गई है, इससे गौरीघाट में बड़ी झील सा नजारा दिखाई दिया। उस पर अठखेलियां करती रंगीन नावें अलग ही नजर आ रहीं थीं, जो बारिश में बंद हो जाएंगी।
बारिश के बीच बिजली ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है। ट्रिपिंग से लेकर घंटों बिजली गुल हो रही है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद भी निर्धारित समय पर शिकायतों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। सुबह के वक्त आने वाले फॉल्ट से छात्र और नौकरीपेशा परेशान हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार बारिश में बिजली की मांग में बढ़ोतरी होती है ऐसे में ट्रांसफार्मरों और लाइनों में लोड बढ़ने से फॉल्ट बढ़ जाते हैं।
शहर में पांच संभाग हैं। प्रत्येक संभाग में अधिकतर तीन से चार टीमें हैं। जिसमें एक लाइमैन, एक हेल्पर और एक ड्रायवर होता है। ऐसे में यदि संभाग में चार से अधिक स्थानों पर फॉल्ट आ जाएं, तो शिकायतों का निराकरण भगवान भरोसे हो जाता हैं।
Monsoon update : बारिश के पूर्व ट्रांसफार्मर से लेकर बिजली लाइनों तक का मैंटनेंस किया गया है। जहां भी शिकायतें आ रही है, अमला मौके पर पहुंचकर तत्काल सुधार कार्य कर रहा है।