जबलपुर

हाईवे पर शराब की दुकान… हाईकोर्ट सख्त, केंद्र-राज्य सरकार को भेजा नोटिस

MP High Court: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन कर शराब दुकान खोलने का आरोप, एमपी हाईकोर्ट ने सरकार को किया तलब

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Nov 21, 2025
MP High Court

MP High Court: नेशनल और स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब दुकानों को खोलने की अनुमति देने पर हाईकोर्ट ने हैरानी जताई। जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच (MP High Court) ने केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में ऐसी शराब दुकानों को बंद या शिफ्ट करने की मांग की गई है। मामले में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय, प्रदेश के आबकारी आयुक्त व आबकारी सचिव को भी पक्षकार बनाया है।

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बताए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

-सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश हैं कि राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों से 500 मीटर की दूरी के अंदर कोई शराब दुकान नहीं हो सकती।

-यह राजमार्ग से दिखनी भी नहीं चाहिए और न ही उसकी सीधी पहुंच हो।

-1 जून, 2017 को केंद्र सरकार ने इसका सर्कुलर भी जारी किया। फिर भी मप्र में 2025-26 की नई आबकारी नीति में कई दुकानों का नवीनीकरण किया गया।

मप्रमें सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का खुलकर उल्लंघन हो रहा है।

भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता की याचिका

भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता नूर खान की ओर से अधिवक्ता आर्यन उरमलिया ने दलील दी, राजमार्गों (MP High Court) के किनारे शराब दुकानें होने से चालक शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं। इससे दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। यह संविधान के अनुच्छेद 21 व 47 का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी मप्र में एनएच किनारे शराब दुकानें चल रही हैं। इसे प्रमाणित करने के लिए याचिका के साथ शराब दुकानों की तस्वीरें व दस्तावेज भी दिए।

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Published on:
21 Nov 2025 08:40 am
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