
MP High Court Strict :जबलपुर में स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जंगली हाथियों की मौत और पकड़े जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। शहडोल से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाए गए एक हाथी की मौत को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए राज्य सरकार के साथ-साथ वन विभाग को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने जंगली हाथियों को पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ एक्ट का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिये हैं।
हाईकोर्ट ने सरकार से पिछले 30 सालों में पकड़े गए जंगली हाथियों का पूरा रिकॉर्ड भी मांग लिया है। सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से अब तक 10 जंगली हाथियों को पकड़ा गया है। एक्सपर्ट कमेटी ने सुझाव दिया है कि कान्हा में रखे गए जंगली हाथियों को 15 दिनों में छोड़ना होगा।
ये मामला रायपुर में रहने वाले नितिन सिंघवी की याचिका पर आधारित है, जिसमें कहा गया कि केंद्रीय पर्यावरण विभाग की गाइडलाइन के अनुसार जंगली हाथियों को पकड़ना अंतिम उपाय होना चाहिए, लेकिन मध्य प्रदेश में इसे पहला विकल्प बना कर रखा गया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।