जबलपुर

breaking news- Bhopal gangrape: हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा,दोषी पुलिस कर्मियों पर क्या होगी कार्रवाई

सरकार ने कहा-प्रेशर में डॉक्टर ने गलत लिख दी थी रिपोर्ट, अब तक की गई कार्रवाई का दिया ब्योरा
2 min read
• •
Updated: 27 Nov 2017, 12:21 PM IST
MP HIGHCPURT
MP HIGHCPURT

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने भोपाल गैंगरेप पर सोमवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? कोर्ट ने नसीहत देते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए भी जागरुकता अभियान चलाया जाना चाहिए। वहीं सरकार की ओर से बताया गया कि 5 पुलिस अफसरों को निलंबित किया जा चुका है। दो डॉक्टरों पर भी कार्रवाई हो गई है। राज्य सरकार को जवाब देने के लिए तीन सप्ताह की मोहलत प्रदान की गई है।


स्वत; संज्ञान पर याचिका दायर-


चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता ने भोपाल गैंग रेप पर मीडिया में प्रकाशित खबरों को संज्ञान में लेकर यह जनहित याचिका दायर की है। याचिका में प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह विभाग प्रमुख सचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, डीजीपी, आईजीपी भोपाल रेंज व एसपी भोपाल को पक्षकार बनाया है।


यह है मामला-

भोपाल आरपीएफ में पदस्थ एएसआई की बेटी के साथ चार आरोपियों ने 31 अक्टूबर की देर शाम गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। घटना हबीबगंज आरपीएफ चौकी के पास हुई थी। पीडि़ता ने परिजनों के साथ खुद एक आरोपी को पकड़ा और पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने गैंगरेप के करीब 24 घंटे बाद केस दर्ज किया था। इसके बाद जीआरपी ने फरार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।


यह कहा सरकार ने-


राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता द्वारा रिपोर्ट पेश कर कोर्ट को बताया गया कि संबंधित थानों के 3 टीआई व 2 एसआई को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दो डॉक्टर्स भी निलंबित किए गए हैं। मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। जिसने 16 नवंबर को चार्जशीट पेश कर दी है।


एप्प किया लांच-


पीडि़ता की गलत मेडिकल रिपोर्ट के संबंध में सरकार का पक्ष रखते हुए महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि दबाव में डॉक्टर ने गलत रिपोर्ट लिख दी थी। इसके लिए प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए गए दो डॉक्टरों को भी निलंबित कर दिया गया है। घटना के बाद महिलाओं के लिए जागरुकता अभियान चलाए गए हैं। ऐसी घटनाओं से महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज मोबाइल एप्प भी लांच किया गया है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार को तीन हफ्ते में यह बताने के निर्देश दिए कि लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। अगली सुनवाई 8 जनवरी नियत की गई।

Published on: